कॉन्ग्रेस अकेली पार्टी नहीं है जो मीडिया से भाग रही है। समाजवादी पार्टी ने भी अपने सभी मीडिया पैनलिस्ट का मनोनयन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इसका अर्थ है कि सपा द्वारा जब तक नए पैनलिस्ट के नामों की घोषणा नहीं की जाती, तब तक पार्टी का पक्ष रखने के लिए मीडिया चैनलों पर नेता नहीं जाएँगे।
लोकसभा चुनाव में न केवल जातीय गणित फेल हुआ है, बल्कि वंशवादी राजनीति को भी भारी झटका लगा है। राजनीतिक परिवार से आने वाले अधिकांश उम्मीदवारों को इस बार हार का सामना करना पड़ा है।
शालिनी यादव अब भी PM नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी से उम्मीदवार हैं क्योंकि उन्होंने अभी तक अपना नामांकन वापस नहीं लिया है। माना जा रहा है कि शालिनी यादव का अपना जनाधार है, इसलिए SP के नए उम्मीदवार और BSF के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
जयाप्रदा ने इस टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा, “तय नहीं कर पा रही हूँ कि रोऊँ या हँसूँ, जैसा पिता वैसा पुत्र। अब्दुल्ला से यह उम्मीद नहीं थी। वह पढ़े-लिखे हैं। आपके पिता मुझे आम्रपाली कहते हैं, आप मुझे अनारकली कहते हैं; क्या यही समाज की औरतों को देखने का आपका नजरिया है?”
"देश-आमहित में और पार्टी के मूवमेंट के हित में कभी-कभी हमें ऐसे कठिन फैसले लेने पड़ते हैं जिसको आगे रखकर ही हमने देश के वर्तमान हालातों के चलते हुए यूपी में एसपी के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ने का फैसला किया है।"
रामपुर के प्रत्याशी और विवादित बयानों के ब्रांड अम्बैसडर बन चुके आजम खान के बचाव में बात करते हुए डिंपल यादव ने कहा कि बीजेपी जनता का असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए तरह-तरह की बातें बना रही है। उनकी मानें तो मीडिया को इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
"आजम पापी है, उनका संहार होगा। जया प्रदा मेरी छाया की तरह हैं, इसलिए आजम खान को खुजली हो रही है। पार्टी का हर कार्यकर्ता जया प्रदा के लिए काम कर रहा है।"
सपा नेता पंडित सिंह से जब मीडिया वालों ने पूछा कि आपको नहीं लगता है कि आजम खान का एक महिला के लिए इस तरह से बोलना गलत है, तो उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा, “आपको लगता है कि वो महिला है, वो महिला नहीं है, उनका बहुत ऊँचा है सोच।”
मामले को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने जिलाधिकारी से इस मामले पर रिपोर्ट की। इसके बाद वीडियो अवलोकन टीम के प्रभारी द्वारा मामले की जाँच हुई और फिर पुलिस में आजम के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई।
संभल के एसडीएम दीपेंद्र यादव ने इस मामले को गंभीर बताया। साथ ही बर्क के बयान वाली वीडियो का भी परीक्षण हुआ। प्रमाणिकता की पुष्टि होने के बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया