पाकिस्तान में गंभीर धार्मिक प्रताड़ना झेलने वाले हिंदुओं ने एक साहसिक निर्णय लिया है। उन्होंने इस्लामाबाद में कृष्ण मंदिर का निर्माण कार्य जारी रखने का फैसला किया है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक टोपी पहने हुए है और मंदिर के अंदर स्थित प्रतिमा को लात मार कर उसे न सिर्फ अपमानित कर रहा है बल्कि उसे गिरा कर क्षतिग्रस्त भी कर देता है।
कोरोना को हल्के में लेने वाले, डॉक्टरों पर हमला करने वालों, थूकने, मल-मूत्र त्यागने वाले अधम श्रेणी के मनुष्यों की तुलना स्वामी जगन्नाथ के सेवायतों से करना धूर्तता है।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथपुरी में होने वाली वार्षिक रथयात्रा पर इस साल कोरोना वायरस संक्रमण के कारण रोक लगा दी है। इसके बाद से ही हिन्दुओं में आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि जब अनलॉक के तहत सारी चीजें खुल ही रही हैं तो फिर रथयात्रा पर रोक क्यों?
सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए फैसला दिया है कि कोरोना महामारी के फैलने के डर और लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जगन्नाथ मंदिर में होने वाली वार्षिक रथयात्रा ना निकाली जाए।
श्रीकालाहस्ति में मंदिर वायु तत्व हेतु, कांचीपुरम में पृथ्वी तत्व, तिरुवन्नामलाई में अग्नि तत्व हेतु, चिदंबरम में आकाश तत्व एवं तिरुवनाईकवल में जल तत्च के लिए इन मंदिरों का निर्माण किया गया था।