Homeवीडियोबकैत की रिपोर्टइनकी टूटी हड्डियाँ भी देखो रवीश! अजीत भारती का वीडियो | Stop propaganda on...

इनकी टूटी हड्डियाँ भी देखो रवीश! अजीत भारती का वीडियो | Stop propaganda on JNU

एबीवीपी के बच्चों के हाथ तोड़े गए, कलाई तोड़ी गई, ऊँगलियाँ तोड़ी गई, सर पर 6-6 टाँके हैं, गर्दन पर रॉड से मारा गया और एक बच्चे को इतना मारा गया कि वो वहीं पर बेहोश हो गया। उसे याद नहीं था कि बेहोश होने के बाद उसे कौन उठाकर ले गया।

रवीश कुमार का मुख्य लक्ष्य जेएनयू की हिंसा और उसकी जाँच है और इसमें भी कैसे इनकी जाँच, ऑल्ट न्यूज वाले की जाँच और तीन-चार टूटपूँजिया पोर्टल की जाँच पुलिस की जाँच से बेहतर है। शुरू में रवीश जी कह रहे थे कि पुलिस केस क्यों नहीं दर्ज कर रही, पुलिस दोषियों को पकड़ क्यों नहीं कर रही है? और जब पुलिस ने उन्हें पकड़ा है तो रवीश जी ने लंबे-लंबे प्रपंची पोस्ट लिखे हैं।

एबीवीपी के बच्चों के हाथ तोड़े गए, कलाई तोड़ी गई, ऊँगलियाँ तोड़ी गई, सर पर 6-6 टाँके हैं, गर्दन पर रॉड से मारा गया और एक बच्चे को इतना मारा गया कि वो वहीं पर बेहोश हो गया। उसे याद नहीं था कि बेहोश होने के बाद उसे कौन उठाकर ले गया। जिन मीडिया वालों के पास करोड़ों का इंफ्रास्ट्रक्चर है, वो इन बच्चों तक पहुँच नहीं पा रहे हैं। जो बच्चे अपनी आवाज पहुँचाने के लिए ऑपइंडिया जैसी छोटी संस्थान के पास आ रहे हैं, क्या एनडीटीवी की टीम उन बच्चों तक नहीं पहुँच सकती? 

पूरा वीडियो यहाँ क्लिक करके देखें

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारती
अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -