Homeव्हाट दी फ*थाईलैंड बीच पर 'सिर कटी लाश', पर्यटकों ने घबराकर रेस्क्यू टीम को कॉल किया:...

थाईलैंड बीच पर ‘सिर कटी लाश’, पर्यटकों ने घबराकर रेस्क्यू टीम को कॉल किया: पुलिस ने देखा तो निकली ₹44161 की सेक्स डॉल

पुलिस ने बताया 18 अगस्त को बीच पर मौजूद लोगों ने रेस्क्यू टीम को बताया था कि वहाँ एक शव नंगा पड़ा है। अधिकारियों ने उसे देखा तो वो बॉडी औरत की लगी। पास जाने पर पता चला कि वो एवी डॉल है।

थाईलैंड के छोनबुरी प्रांत के बैंग सेन बीच (Bang Saen Beach) पर बीते दिनों एक सिर कटी नंगी बॉडी मिली थी, जिसे देख लोग इतना डर गए थे कि कोई आगे जाने को तैयार भी नहीं था। सामने आई तस्वीर भी ऐसी ही थी जैसे किसी ने हत्या करके उस लाश को बीच किनारे फेंक दिया है।

हालाँकि अब इस लाश का रहस्या खुलासा है और ये बात पता चली है कि वो कोई इंसानी शरीर नहीं बल्कि पूरी इंसान जैसी दिखने वाली सेक्स डॉल थी। बता दें कि बीच के पास इस सेक्स डॉल को देख कई लोग घबराहट से भर गए थे। उन्होंने खुद जाकर देखने की बजाय पुलिस को इसकी सूचना दी थी।

जब पुलिस ने इसे देखा तो पाया कि ये सेक्स डॉल बहुत ज्यादा असली दिख रही थी। इसी कारण लोग धोखा खा गए। पुलिस ने आश्वस्त किया कि बीच पर लोगों को कोई खतरा नहीं हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया से सामने आई तस्वीरों से पता चला है कि ये सेक्स डॉल एक जापानी सेक्स डॉल थी। जिसे-एवी आइडल कहा जाता है। इसकी कीमत 500 डॉलर यानी कि 44,161.31 रुपया है। नेटीजन्स भी इस फोटो को देख हैरान हैं कि निर्जीव डॉल इतना ह्यूमन बॉडी जैसे कैसे दिख सकती है।

बता दें कि पुलिस ने बताया 18 अगस्त को बीच पर मौजूद लोगों ने रेस्क्यू टीम को बताया था कि वहाँ एक शव नंगा पड़ा है। अधिकारियों ने उसे देखा तो वो बॉडी औरत की लगी। पास जाने पर पता चला कि वो एवी डॉल है। उसका सिर गायब था और नीचे का हिस्सा खुला था। पुलिस ने कहा,

“हमें लगता है कि समुद्र में आने से पहले डॉल को नदी या किसी झरने में फेंका गया जो किनारे आकर मिट्टी पर रुक गई थी। अब उसे किनारे से हटा दिया गया है ताकि पर्यटक डरें न। अगर कोई व्यक्ति दावा करता है कि ये गुड़िया उसकी है तो वो इसे रेस्क्यू टीम स्टेशन से ले जा सकता है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -