Homeदेश-समाजट्रैक्टर से स्टंट के दौरान कुचल कर मौत, वीडियो में कैद हुआ माजरा: सुखमनदीप...

ट्रैक्टर से स्टंट के दौरान कुचल कर मौत, वीडियो में कैद हुआ माजरा: सुखमनदीप सिंह ने ‘किसान आंदोलन’ में बढ़-चढ़ कर लिया था हिस्सा

स्टंट के लिए प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी। सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट को आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

पंजाब में एक शख्स की टैक्टर से स्टंट करने के दौरान मौत हो गई है। 29 वर्षीय स्टंटमैन अपनी जान पर खेल कर खतरनाक स्टंट परफॉर्म कर रहा था। घटना गुरदासपुर जिले की है। मृतक का नाम सुखमनदीप सिंह है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आई है। फतेहगढ़ चुरियाँ विधानसभा में स्थित सरचूर गाँव में सुखमनदीप सिंह शनिवार (28 अक्टूबर, 2023) को खेत में स्टंट कर रहे थे। सुखमनदीप सिंह ने ट्रैक्टर के चक्के पर पाँव रख कर उस ट्रैक्टर पर चढ़ने की कोशिश की।

इंजन स्टार्ट करने के बाद सुखमनदीप सिंह ट्रैक्टर के दोनों चक्कों पर एक-एक पाँव रख कर उस पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। हालाँकि, इस दौरान उनका एक पाँव कीचड़ में फँस गया। इसके बाद ट्रैक्टर के दोनों चक्के उनके ऊपर चढ़ गए और उनकी मौत हो गई। ये देख कर उन्हें बचाने के लिए कुछ लोग ज़रूर दौड़े, लेकिन तब तक वो बुरी तरह कुचले जा चुके थे और अस्पताल पहुँचते ही सुखमनदीप सिंह को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु अग्रवाल ने जानकारी दी है कि फतेहगढ़ चुरियाँ में हुए एक निजी कार्यक्रम की है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जाँच कर रही है। स्टंट के लिए प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी। सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट को आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। अग्रवाल ने कहा कि तय मानकों को पूरा करने और अनुमति के बाद ही ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। सुखमनदीप सिंह बटाला के ठाठे गाँव के रहने वाले थे।

उनके घर में उनके माता-पिता और पत्नी के अलावा एक 7 साल का बेटा भी है। जहाँ उनके पिता निर्वैर सिंह गाँव के नंबरदार हैं, वहीं पत्नी पंजाब पुलिस में कार्यरत हैं। ठाठे गाँव के ही मनप्रीत सिंह बदेशा ने बताया कि सुखमनदीप पिछले 7-8 वर्षों से स्टंट कर रहे थे। एक पंजाबी चैनल के शो में भी वो दिखाई देते थे। पंजाब के ग्रामीण इलाकों में स्टंट्स को लेकर दीवानगी है और कई स्टंटमैन ऐसे करतब दिखा कर पैसे कमाते हैं। सुखमनदीप सिंह ने ‘किसान आंदोलन’ में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। उनकी मौत के बाद आयोजकों ने मेले को रद्द कर दिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -