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ईरान ने पाकिस्तान के भीतर घुस आतंकियों को मारा, एक कमांडर को ढेर करने का दावा: एक माह पहले भी भिड़े थे शिया-सुन्नी मुल्क

ईरान और पाकिस्तान की सरकार ने भी इस विषय पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। ईरान और पाकिस्तान इससे पहले जनवरी में भी भिड़ चुके हैं। ईरान ने 16 जनवरी, 2024 को पाकिस्तान के भीतर एक मिसाइल हमला करके एक मस्जिद उड़ा दी थी।

शिया मुस्लिम राष्ट्र ईरान ने फिर से पाकिस्तान की सीमा में घुस कर आतंकियों का सफाया किया है। ईरान ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर हमला करके जैश अल अद्ल के एक कमांडर को उसके साथियों के साथ मार गिराया है। यह दावा एक ईरानी समाचार पोर्टल ने ईरान की सरकारी मीडिया के हवाले से किया है।

ईरान इंटरनेशनल इंग्लिश नाम के एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट ने आज (24 फरवरी, 2024) को बताया, “ईरान की सेना ने पाकिस्तान के भीतर एक सशस्त्र लड़ाई में जैश अल अद्ल के बड़े कमांडर इस्माइल शाहबख्श और उसके साथियों को मार गिराया है। यह जानकारी ईरान की सरकारी मीडिया ने दी है। इससे एक माह पहले दोनों देशों ने एक दूसरे की जमीन पर हवाई हमले किए थे।”

अभी इस विषय में अधिक जानकारी सामने नहीं आ सकी है। ईरान और पाकिस्तान की सरकार ने भी इस विषय पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि आतंकियों को किस क्षेत्र में मारा गया और मरने वालों की सँख्या कितनी है। ईरान और पाकिस्तान इससे पहले जनवरी में भी भिड़ चुके हैं। ईरान ने 16 जनवरी, 2024 को पाकिस्तान के भीतर एक मिसाइल हमला करके एक मस्जिद उड़ा दी थी।

इस हमले में दो बच्चों की मौत की बात पाकिस्तान ने कही थी। हालाँकि, ईरान ने कहा था कि उसका यह हमला पाकिस्तान के भीतर बैठे जैश अल अद्ल के आतंकियों को निशाना बनाने के लिए था। हालाँकि, इसके एक दिन बाद पाकिस्तान ने भी ईरान के भीतर एक हवाई हमला करने का दावा किया था। पाकिस्तान ने इसे बलोच विद्रोहियों पर की गई कार्रवाई बताया था। इस हमले में 7 लोगों की मौत हुई थी।

इनमें से 4 महिलाएँ जबकि 3 बच्चे थे। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में काफी खटास आ गई थी। ईरान और पाकिस्तान ने इसके बाद कूटनीतिक स्तर पर भी लड़ाई चालू कर दी थी। उन्होंने अपने-अपने राजदूतों को एक दूसरे के देश से वापस बुला लिया था। कुछ दिनों तक चली तल्खी के बाद दोनों देश राजदूत वापस भेजने पर सहमत हो गए थे।

जिस आतंकी समूह जैश-अल-अदल को ईरान ने निशाना बनाया है, यह ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत की आजादी के लिए लड़ने का दावा करता है। यह सुन्नी इस्लामी आंतकी समूह है जबकि ईरान शिया बहुल राष्ट्र है। 2012 में बनाया गया यह आतंकी समूह जब तब ईरान के भीतर हमला करता है। इसका निशाना ईरान के वह शहर होते हैं जिनकी सीमा पाकिस्तान से लगती है। वह यहाँ सुरक्षा बलों पर हमला करके पाकिस्तान भाग जाते हैं। पाकिस्तान और ईरान के बीच सीमा कई जगह पर हुई है, इससे तस्करी और आतंकियों का प्रसार होता रहता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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