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हिमाचल के CM ने इस्तीफे से किया इनकार, पर मंत्री विक्रमादित्य ने पद छोड़ बढ़ा दिया दर्द: बीजेपी के 15 MLA सस्पेंड

CM सुक्खू के इस्तीफे से कुछ देर पहले ही हिमाचल कॉन्ग्रेस के बड़े नेता और पूर्व CM वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने भी सरकार से इस्तीफ़ा दे दिया था। उन्होंने सरकार में अनसुनी का आरोप लगाते हुए या इस्तीफ़ा पेश किया था। उनका कहना था कि विधायकों की बात नहीं सुनी जा रही और अब आगे का निर्णय पार्टी हाईकमान करेगा।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने पद से इस्तीफा देने की खबरों को नकार दिया है। सुखविंदर सिंह के कॉन्ग्रेस विधायकों की नाराजगी के चलते इस्तीफ़ा देने की खबर पहले आई थी। इससे कुछ देर पहले हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही से नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत 15 भाजपा विधायकों को निलंबित कर दिया गया। भाजपा ने विधानसभा में मतों के विभाजन की माँग की थी। स्पीकर ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया था। उन्हें मार्शलों ने घेर लिया जिसके बाद वह विधानसभा से निकाल दिए गए थे।

हिमाचल विधानसभा स्पीकर ने भाजपा विधायक जयराम ठाकुर,विपिन परमार, रणधीर शर्मा, लोकेन्द्र कुमार, विनोद कुमार, हंस राज, जनक राज, बलबीर वर्मा, त्रिलोक जमवाल, सुरेन्द्र शौरी, दीप राज, पूर्ण चन्द्र, इंद्र सिंह गाँधी, दलीप ठाकुर और रणवीर सिंह को निलंबित किया है।

CM सुक्खू के इस्तीफे की खबर से कुछ देर पहले ही हिमाचल कॉन्ग्रेस के बड़े नेता और पूर्व CM वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने भी सरकार से इस्तीफ़ा दे दिया था। उन्होंने सरकार में अनसुनी का आरोप लगाते हुए या इस्तीफ़ा पेश किया था। उनका कहना था कि विधायकों की बात नहीं सुनी जा रही और अब आगे का निर्णय पार्टी हाईकमान करेगा।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में यह सियासी उथलपुथल कल (27 फरवरी, 2024) के राज्यसभा चुनाव के बाद चालू हुई है। कल सम्पन्न हुए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत हुई थी। इस चुनाव में कॉन्ग्रेस के 6 और 3 निर्दलीय ने भी भाजपा का समर्थन किया था। यह 9 विधायक आज विधानसभा भी पहुँचे थे। इन्होने बाहर मीडिया से बताया कि वह भाजपा के साथ हैं।

भाजपा ने राज्यसभा वोटिंग के बाद कॉन्ग्रेस सरकार के अल्पमत में होने की बात कही थी और विधानसभा में चल रहे बजट सत्र में वोटिंग के दौरान मत विभाजन की माँग की थी। भाजपा विधायकों ने स्पीकर पर पक्षपातपूर्ण कार्यवाही करने का आरोप लगाया था। दिसम्बर 2022 में कॉन्ग्रेस हिमाचल प्रदेश में सत्ता में आई थी। कॉन्ग्रेस ने राज्य में 40 सीट जीती थी। 3 सीट निर्दलीय जबकि विपक्षी भाजपा ने 25 सीट पर विजय हासिल की थी।

हालाँकि अब 14 महीने बाद परिस्थितियाँ बदल गई हैं। हिमाचल कॉन्ग्रेस में CM सुक्खू के प्रति काफी नाराजगी थी, उनका इस्तीफा लिए जाने की बात हो रही थी। कल से चालू हुए राजनीतिक संकट के बाद स्थानीय कॉन्ग्रेस विधायकों ने सुक्खू की जगह पर किसी और को मुख्यमंत्री बनाने की माँग की है। अब उनका इस्तीफ़ा सामने आया है।

कॉन्ग्रेस ने यहाँ स्थिति संभालने के लिए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा को भेजा है। वह यहाँ डैमेज कंट्रोल की कोशिश में जुटे हैं। दूसरी तरफ भाजपा के विजयी राज्यसभा उम्मीदवार हर्ष महाजन ने कहा है कि उनके सम्पर्क में कई कॉन्ग्रेस विधायक और हैं और जल्द ही राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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