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बांग्लादेश-म्यांमार को तोड़कर ईसाई मुल्क बनाना चाहते हैं गोरी चमड़ी वाले देश: PM शेख हसीना, कहा- सैन्य ठिकाने के बदले चुनाव में मदद का दिया था ऑफर

पीएम शेख हसीना ने कहा कि म्यांमार और बांग्लादेश के हिस्से काट कर एक ईसाई मुल्क बनाए जाने की साजिश है, जो कि पूर्वी तिमोर की तर्ज पर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसे बांग्लादेश के चट्टोगाम और म्यांमार के सीमाई इलाके लेकर बनाया जाएगा, इसी के साथ बंगाल की खाड़ी में एक सैन्य ठिकाना बनाए जाने की भी योजना है।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि उनके देश के हिस्सों को तोड़ कर ईसाई मुल्क बनाए जाने की साजिश हो रही है। उन्होंने कहा कि म्यांमार और बांग्लादेश के कुछ हिस्से मिला कर गोरे लोगों वाला एक देश यहाँ एक ईसाई मुल्क बनाना चाहता है।

प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक कायर्क्रम में यह खुलासे किए हैं। यह कार्यक्रम बांग्लादेश के आम चुनावों के बाद 14 पार्टियों की एक बैठक को लेकर रखा गया था। इसकी शुरुआत पीएम शेख हसीना के भाषण से हुई। पीएम हसीना सत्ताधारी अवामी लीग की अध्यक्ष भी हैं।

पीएम शेख हसीना ने कहा कि म्यांमार और बांग्लादेश के हिस्से काट कर एक ईसाई मुल्क बनाए जाने की साजिश है, जो कि पूर्वी तिमोर की तर्ज पर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसे बांग्लादेश के चट्टोगाम और म्यांमार के सीमाई इलाके लेकर बनाया जाएगा, इसी के साथ बंगाल की खाड़ी में एक सैन्य ठिकाना बनाए जाने की भी योजना है।

शेख हसीना ने आरोप लगाया कि यह सब गोरी चमड़ी वाले देश के लोग करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें यह प्रस्ताव मिला था कि यदि वह इस देश को बंगाल की खाड़ी में अपना सैन्य अड्डा बनाए जाने की अनुमति दे दें तो उनका दोबारा चुन कर आना काफी आसान कर दिया जाएगा। हालाँकि, उन्होंने देश का नाम नहीं लिया।

पीएम शेख हसीना ने कहा कि वह अपने देश के हिस्सों को बेच कर सत्ता में नहीं आना चाहती थीं। उन्होंने लोगों को चेताया कि अभी आगे और भी समस्याएँ बांग्लादेश के लिए खड़ी की जाएँगी, लेकिन उनसे घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने नया ईसाई मुल्क बनाने के बारे में कहा कि साजिश करने वालों की नजरें बंगाल की खाड़ी पर हैं।

शेख हसीना ने अपने बयान में नए मुल्क बनाने की कोशिश करने वाले देश का नाम नहीं लिया लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि उनका इशारा अमेरिका की तरफ था। इससे पहले भी वह आरोप लगा चुकी हैं कि अमेरिका उनकी सरकार का तख्तापलट करके इस्लामी कट्टरपंथियों को सत्ता में बिठाना चाहता है।

अमेरिका बांग्लादेश के चुनावों पर भी लगातार प्रश्न उठाता आया है, उसने बांग्लादेश के कई अधिकारियों पर अमेरिका में घुसने पर रोक लगाई थी। वहीं शेख हसीना ने पूर्वी तिमोर का उदाहरण दिया जो कि एक ईसाई मुल्क है और 2002 में ही बना है।

तिमोर द्वीप के एक हिस्से में बसे इस देश को पुर्तगाल ने 1974 में छोड़ दिया था, इसके बाद इस पर इंडोनेशिया का कब्जा हो गया। हालाँकि, यहाँ कई समूह पैदा हो गए जिन्होंने तिमोर के एक हिस्से को आजाद करवा लिया। तिमोर में 99% जनता ईसाई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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