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विदेश में आतंकी हमलों पर जलता है दिल, हिन्दुओं के नरसंहार पर ‘चुप्पी’ क्यों साध जाते हैं विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे भारतीय क्रिकेटर?

अब अगर लोग अपना गुस्सा निकाल भी रहे हैं, तो उसमें गलत क्या है? लोग भी चाहते हैं कि वो जिन्हें अपना स्टार मानते हैं, वो भी उनके साथ खड़े रहें या फिर उनका गुस्सा सिर्फ विदेशियों पर हो रहे अत्याचार पर सामने आता है।

भारत देश में सुपरस्टार्स का कल्चर हमेशा से रहा है। कुछ रीढ़विहीन सुपर स्टार रहे हैं, तो कुछ रीढ़ वाले। समय समय पर ये बातें सामने आती भी रही हैं, लेकिन मौजूदा समय में देखें तो आज के समय के कुछ सबसे बड़े स्टार्स में हिप्पोक्रेसी इतनी बढ़ गई है, जितनी पहली कभी नहीं थी। हम बात कर रहे हैं भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे बड़े सितारों की… हम बात कर रहे हैं विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सुपरस्टार्स की। जो क्राइस्टचर्च में होने वाले आतंकी हमले पर तो छाती फाड़कर रोते दिखते हैं, लेकिन जब बात भारत पर हमलों की आती है, तो चुप्पी साधकर बैठ जाते हैं।

अभी कुछ दिन पहले ही रियासी में आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें आतंकियों ने श्रद्धालुओं से भरी बस पर फायरिंग की। ये बस शिवखोड़ी से वैष्णोदेवी जा रही थी। इस आतंकी हमले में 10 लोगों की मौत हो गई, तो तीन दर्जन लोग घायल हो गए थे। सोशल मीडिया पर लोगों ने #AllEyesOnReasi #AllEyesOnVaishnoDeviAttack जैसे हैशटैग का इस्तेमाल कर अपना गुस्सा और दुख दोनों ही जाहिर किया। यहाँ तक कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट ट्रेविस हेड तक ने इस पर ट्वीट किया।

मुंबई के क्रिकेटर सौरभ नेत्रावलकर अब अमेरिकी टीम के लिए खेलते हैं, लेकिन वैष्णो देवी जा रहे तीर्थयात्रियों पर हुए आतंकी हमले पर उन्होंने भी दुख जताया। सौरभ नेत्रावलकर ने ‘All Eyes On Vaishno Devi Attack’ लिखा और आतंकी हमले से जुड़ा पोस्टर शेयर किया।

वहीं, दूसरी ओर भारत के सबसे बड़े खिलाड़ियों की ओर से इस आतंकी हमले को लेकर चुप्पी साध ली गई। लोगों का अब गुस्सा भी सामने आ रहा है। शशांक शेखर झा ने एक्स पर लिखा, ‘आपके विराट कोहली कहाँ हैं? जब जम्मू और कश्मीर में हिंदुओं का हिंदू होने के कारण नरसंहार किया जा रहा है!’ शशांक ने विराट कोहली की ओर पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी लगाया है, जिसमें वो न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुए आतंकी हमले पर दुख और गुस्सा जाहिर कर रहे थे।

बता सिर्फ विराट कोहली की नहीं है, बल्कि रोहित शर्मा हो या अन्य बड़े सितारे। सचिन तेंदुलकर हों या महेंद्र सिंह धोनी। ये सारे बड़े खिलाड़ी, जो देश के आईकॉन हैं, वो देश पर हो रहे आतंकी हमलों को लेकर चुप्पी साध जाते हैं। अब अगर लोग अपना गुस्सा निकाल भी रहे हैं, तो उसमें गलत क्या है? लोग भी चाहते हैं कि वो जिन्हें अपना स्टार मानते हैं, वो भी उनके साथ खड़े रहें या फिर उनका गुस्सा सिर्फ विदेशियों पर हो रहे अत्याचार पर सामने आता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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