Homeविविध विषयअन्यभारत के ओलंपिक खिलाड़ियों को मिला BCCI का साथ, जय शाह ने किया ₹8.50...

भारत के ओलंपिक खिलाड़ियों को मिला BCCI का साथ, जय शाह ने किया ₹8.50 करोड़ मदद का ऐलान: पेरिस में पदकों का रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार है टीम

पेरिस ओलंपिक की शुरुआत में अब सात दिन का समय शेष बचा है। भारत ने आगामी टूर्नामेंट के लिए 117 खिलाड़ियों का दल भेजा है। इसमें सबसे बड़ा दल एथीलट्स के इवेंट्स में हिस्सा लेने वाले 29 खिलाड़ियों का शामिल है, जिसकी अगुवाई टोक्यो ओलंपिक में जेवलिन थ्रो इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा करेंगे।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने पेरिस ओलंपिक अभियान के लिए इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन को 8.5 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है। बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से एक पोस्ट साझा करते हुए इस बात की जानकारी दी है।

बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने एक्स पोस्ट पर लिखा, “मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि बीसीसीआई 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले हमारे बेहतरीन एथलीटों का समर्थन करेगा। हम ओलंपिक अभियान के लिए इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) को 8.5 करोड़ रुपए दे रहे हैं। हमारे पूरे दल को हमारी शुभकामनाएँ। भारत को गौरवान्वित करें! जय हिंद!”

पेरिस ओलंपिक की शुरुआत में अब सात दिन का समय शेष बचा है। भारत ने आगामी टूर्नामेंट के लिए 117 खिलाड़ियों का दल भेजा है। इसमें सबसे बड़ा दल एथीलट्स के इवेंट्स में हिस्सा लेने वाले 29 खिलाड़ियों का शामिल है, जिसकी अगुवाई टोक्यो ओलंपिक में जेवलिन थ्रो इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा करेंगे। ओलंपिक के इतिहास में ये भारत का अब तक का दूसरा सबसे बड़ा दल है।

भारत की तरफ से पेरिस ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए रवाना हुए 117 एथलीट्स के दल में 70 पुरुष और 47 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। ट्रैक एंड फील्ड इवेंट के बाद शूटिंग के इवेंट्स में भारत के सबसे ज्यादा खिलाड़ियों ने क्वालीफाई किया है जिसमें कुल 21 एथलीट शामिल हैं। वहीं वेटलिफ्टिंग के इवेंट में सिर्फ मीराबाई चानू ने क्वालीफाई किया है जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल को अपने नाम किया था। एथीलट्स के अलावा 67 कोच और 72 सपोर्ट स्टाफ का दल भी पेरिस ओलंपिक एथलीटों की मदद के लिए गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -