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ED ने गुरुग्राम की विवादित लैंड डील में रॉबर्ट वाड्रा, उनकी कंपनियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट: 43 संपत्तियाँ हो चुकी हैं कुर्क

ईडी ने शिखोपुर लैंड डील में रॉबर्ट वाड्रा सहित 11 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। 43 अचल संपत्तियां कुर्क की गईं, मामला मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध लाभ से जुड़ा है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हरियाणा के गुरुग्राम स्थित शिखोपुर लैंड डील मामले में कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा सहित 11 लोगों और संस्थाओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट गुरुवार (17 जुलाई 2025) को नई दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष PMLA कोर्ट में दाखिल की गई।

रिपोर्टस के अनुसार, यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जिसमें वाड्रा की कंपनी पर भारी मुनाफा कमाने और नियमों का उल्लंघन करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

मामला वर्ष 2008 में गुरुग्राम के शिखोपुर गाँव (अब सेक्टर 83) की 3.53 एकड़ जमीन की खरीद से जुड़ा है। ED के अनुसार, रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्रा लि ने यह जमीन ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से महज 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी।

कुछ ही महीनों में हरियाणा सरकार ने इस जमीन पर व्यावसायिक कॉलोनी के लिए लाइसेंस दे दिया, जिससे जमीन की कीमत लगभग 700% बढ़ गई। इसके बाद सितंबर 2012 में इस जमीन को DLF को करीब 58 करोड़ रुपये में बेच दिया गया।

उस वक्त हरियाणा में कॉन्ग्रेस की भूपिंदर सिंह हुड्डा की सरकार थी। इस सौदे की जाँच तत्कालीन IAS अधिकारी अशोक खेमका ने शुरू की और म्यूटेशन रद्द कर दिया। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का मामला बताया।

इसी के आधार पर 1 सितंबर 2018 को गुरुग्राम पुलिस ने FIR  दर्ज की। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच शुरू की।  का कहना है कि इस सौदे से जो मुनाफा हुआ, उसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए इधर-उधर घुमाया गया।

रॉबर्ट वाड्रा को अप्रैल 2025 में तीन दिनों तक पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जहाँ उनके बयान PMLA के तहत दर्ज किए गए। वाड्रा ने इन सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है और कहा है कि उन्होंने जाँच में पूरा सहयोग किया है और 23000 से ज्यादा पेज के दस्तावेज भी सौंपे हैं।

इस चार्जशीट में रॉबर्ट वाड्रा के अलावा उनकी कंपनियों, सत्यनंद याजी, केवल सिंह विर्क और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्रा. लि. को आरोपित बनाया गया है। इसके अलावा बुधवार (16 जुलाई 2025) को ED ने वाड्रा और उनकी कंपनियों की कुल 43 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है, जिनकी कीमत लगभग 37.64 करोड़ रुपए बताई गई है।

फिलहाल कोर्ट ने इस चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया है। अगली सुनवाई की तारीख तय की जा चुकी है, जिसके बाद यह तय होगा कि आरोपितों के खिलाफ मुकदमा चलेगा या नहीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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