उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में भारतीय जनता पार्टी के नेता वीरेंद्र शुक्ला और सरकारी अधिवक्ता प्रवेश त्रिपाठी को फर्जी गैंगरेप मामले में फँसाने की साजिश का खुलासा हो गया है। पुलिस ने साजिश रचने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें एक महिला भी है, जिसने बीजेपी नेता के खिलाफ फर्जी रेप केस दर्ज करवाया था।
भदोही पुलिस अधीक्षक (SP) अभिमन्यु मांगलिक ने रविवार (24 अगस्त 2025) को प्रेस वार्ता कर मामले को सुनियोजित साजिश बताया। पुलिस के अनुसार, यह साजिश बीजेपी नेता वीरेंद्र शुक्ला के भाई अशोक शुक्ला और भतीजे कैलाशपति शुक्ला को फँसाने के लिए रची गई थी। साजिश में सुशील दुबे भी शामिल था।
दिनांक: 24.08.2025
— BHADOHI POLICE (@bhadohipolice) August 24, 2025
श्री अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक भदोही के निर्देशन में थाना गोपीगंज पुलिस टीम द्वारा थाना गोपीगंज क्षेत्र अंतर्गत फर्जी अभियोग में फंसाने की साजिश एवं पुलिस को गलत सूचना/आपराधिक धमकी देने के 02 अभियुक्त एवं 01 अभियुक्ता गिरफ्तार।@Uppolice @adgzonevaranasi… pic.twitter.com/M6UMx9RpwF
इन लोगों ने अयोध्या की रहने वाली सुमन पांडेय नाम की महिला से झूठे दुष्कर्म मामले की तहरीर दिलवाई थी। लेकिन पुलिस की जाँच में बीजेपी नेता पर दुष्कर्म के आरोप झूठे साबित हुए। साथ ही पुलिस पूछताछ में बीजेपी नेता को फँसाने के पीछे दो मकसद भी सामने आए।
पुलिस ने बताया कि आरोपितों का मकसद बीजेपी नेता पर झूठा मुकदमा दर्ज कर पैसे ऐंठना था, जिसे हनीट्रैप से भी जोड़ा गया है। इसके अलावा बीजेपी नेता के भाई अशोक शुक्ला पर दर्ज प्रॉपर्टी से संबंधित मुकदमों को निपटाने का भी दबाव बनाने के चलते भी साजिश रची गई थी।
बीजेपी नेता को फोन पर दी धमकी
बीजेपी नेता को झूठे गैंगरेप केस में फँसाने वाले आरोपितों का एक गैंग है। पुलिस ने बताया कि ये लोग पेशेवर तरीके से लोगों को झूठे मुकदमों में फँसाकर उनसे वसूली करता था। बीजेपी नेता के मामले भी पूरी प्लानिंग की गई थी।
थाना गोपीगंज अंतर्गत 02 अभियुक्त एवं 01अभियुक्ता की गिरफ्तारी के संबंध में श्री अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक भदोही की बाइट~@Uppolice @adgzonevaranasi @digmirzapur pic.twitter.com/MvqapehVGC
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महिला सुमन पांडेय बीजेपी नेता को फोन पर धमकी दे रही थी। वहीं बाकी साजिशकर्ता एक पुराना अश्लील वीडियो वायरल कर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने जब गहराई से जाँच की तो साफ हुआ कि पूरा मामला बीजेपी नेता और सरकारी अधिवक्ता को झूठे केस में फँसाने की सोची-समझी साजिश थी।
पुलिस ने साजिशकर्ता अशोक शुक्ला, उसके सहयोगी सुशील दुबे और महिला सुमन पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं अशोक शुक्ला का बेटा कैलाशपति शुक्ला फिलहाल फरार है। चारों आरोपितों के खिलाफ धारा 217, 351(3), 308 (7) और 61 (2)a के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


