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फर्जी गैंगरेप केस में BJP नेता को फँसाने का हो रहा था प्रयास, अश्लील वीडियो दिखा दी जा रही थी धमकी: UP पुलिस ने किया पर्दाफाश, 1 महिला समेत 3 गिरफ्तार

आरोपितों का मकसद बीजेपी नेता पर झूठा मुकदमा दर्ज कर पैसे ऐंठना था। इसके अलावा बीजेपी नेता के भाई अशोक शुक्ला पर दर्ज प्रॉपर्टी से संबंधित मुकदमों को निपटाने का भी दबाव बनाने के चलते भी साजिश रची गई थी।

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में भारतीय जनता पार्टी के नेता वीरेंद्र शुक्ला और सरकारी अधिवक्ता प्रवेश त्रिपाठी को फर्जी गैंगरेप मामले में फँसाने की साजिश का खुलासा हो गया है। पुलिस ने साजिश रचने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें एक महिला भी है, जिसने बीजेपी नेता के खिलाफ फर्जी रेप केस दर्ज करवाया था।

भदोही पुलिस अधीक्षक (SP) अभिमन्यु मांगलिक ने रविवार (24 अगस्त 2025) को प्रेस वार्ता कर मामले को सुनियोजित साजिश बताया। पुलिस के अनुसार, यह साजिश बीजेपी नेता वीरेंद्र शुक्ला के भाई अशोक शुक्ला और भतीजे कैलाशपति शुक्ला को फँसाने के लिए रची गई थी। साजिश में सुशील दुबे भी शामिल था।

इन लोगों ने अयोध्या की रहने वाली सुमन पांडेय नाम की महिला से झूठे दुष्कर्म मामले की तहरीर दिलवाई थी। लेकिन पुलिस की जाँच में बीजेपी नेता पर दुष्कर्म के आरोप झूठे साबित हुए। साथ ही पुलिस पूछताछ में बीजेपी नेता को फँसाने के पीछे दो मकसद भी सामने आए।

पुलिस ने बताया कि आरोपितों का मकसद बीजेपी नेता पर झूठा मुकदमा दर्ज कर पैसे ऐंठना था, जिसे हनीट्रैप से भी जोड़ा गया है। इसके अलावा बीजेपी नेता के भाई अशोक शुक्ला पर दर्ज प्रॉपर्टी से संबंधित मुकदमों को निपटाने का भी दबाव बनाने के चलते भी साजिश रची गई थी।

बीजेपी नेता को फोन पर दी धमकी

बीजेपी नेता को झूठे गैंगरेप केस में फँसाने वाले आरोपितों का एक गैंग है। पुलिस ने बताया कि ये लोग पेशेवर तरीके से लोगों को झूठे मुकदमों में फँसाकर उनसे वसूली करता था। बीजेपी नेता के मामले भी पूरी प्लानिंग की गई थी।

महिला सुमन पांडेय बीजेपी नेता को फोन पर धमकी दे रही थी। वहीं बाकी साजिशकर्ता एक पुराना अश्लील वीडियो वायरल कर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने जब गहराई से जाँच की तो साफ हुआ कि पूरा मामला बीजेपी नेता और सरकारी अधिवक्ता को झूठे केस में फँसाने की सोची-समझी साजिश थी।

पुलिस ने साजिशकर्ता अशोक शुक्ला, उसके सहयोगी सुशील दुबे और महिला सुमन पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं अशोक शुक्ला का बेटा कैलाशपति शुक्ला फिलहाल फरार है। चारों आरोपितों के खिलाफ धारा 217, 351(3), 308 (7) और 61 (2)a के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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