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ट्रंप की टैरिफ नीति संविधान के खिलाफ, शक्तियों का किया गलत इस्तेमाल… US कोर्ट ने ‘वसूली’ को बताया गैरकानूनी: डोनाल्ड बोले – ये फैसला अमेरिका को कर देगा बर्बाद

डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले पर गुस्सा जाहिर किया और इसे पक्षपातपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि टैरिफ हटने से अमेरिका की अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी। ट्रंप ने भारत समेत 60 देशों पर 50% तक टैरिफ लगाए थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी कोर्ट ने उनके द्वारा लगाए टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है। यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स ने कहा कि ट्रंप ने अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकनॉमिक पॉवर्स एक्ट का सहारा लेकर कई देशों पर भारी टैरिफ लगाए, जो संविधान के खिलाफ है।

कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा

अमेरिका की बड़ी अदालत यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द फेडरल सर्किट ने 7-4 के बहुमत से फैसला सुनाया कि ट्रंप ने टैरिफ लगाने के लिए अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया। कोर्ट का कहना था कि अमेरिकी संविधान के मुताबिक, टैरिफ या टैक्स लगाने का अधिकार मुख्य रूप से कॉन्ग्रेस के पास है। राष्ट्रपति को हर देश पर अपनी मर्जी से टैरिफ लगाने की छूट नहीं दी जा सकती।

डोनाल्ड ट्रंप ने इन टैरिफ को लागू करने के लिए इंटरनेशनल इमरजेंसी इकनॉमिक पॉवर्स एक्ट (IEEPA) का सहारा लिया था। इस कानून के तहत राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में कुछ खास कदम उठा सकते हैं। लेकिन कोर्ट ने कहा कि ट्रंप का यह कदम इस कानून के दायरे से बाहर था।

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि ट्रंप की टैरिफ नीति उनकी शक्तियों का अतिक्रमण थी। इसका मतलब है कि उन्होंने उस अधिकार का इस्तेमाल किया, जो उनके पास था ही नहीं। हालाँकि कोर्ट ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तुरंत टैरिफ हटाने का आदेश नहीं दिया। इसके बजाय ट्रंप प्रशासन को अक्टूबर 2025 तक का समय दिया गया है, ताकि वे इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकें। इससे पहले न्यूयॉर्क की फेडरल ट्रेड कोर्ट ने भी ऐसा ही फैसला सुनाया था, जिसे अब इस अपील कोर्ट ने बरकरार रखा है।

ट्रंप को टैरिफ लगाने का असीमित अधिकार खतरनाक

अमेरिकी कानूनी जानकारों का मानना है कि कोर्ट का यह फैसला अमेरिकी व्यापार के हित में है। अगर सुप्रीम कोर्ट भी इस फैसले को बरकरार रखता है, तो यह ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी होगी। यह साफ हो जाएगा कि राष्ट्रपति अपनी मर्जी से कुछ भी नहीं कर सकते। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर टैरिफ हटाए गए, तो सरकार को कुछ आयात करों को वापस करना पड़ सकता है, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी को नुकसान हो सकता है। लेकिन कोर्ट का मानना है कि ट्रंप को दुनिया के हर देश पर टैरिफ लगाने का असीमित अधिकार नहीं दिया जा सकता।

ये फैसला अमेरिका को कर देगा बर्बाद: ट्रंप

कोर्ट के इस फैसले से डोनाल्ड ट्रंप भड़क गए हैं। उन्होंने इसे पक्षपातपूर्ण और गलत बताया। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर ट्रंप ने लिखा, “सभी टैरिफ अभी भी लागू हैं। एक अति पक्षपातपूर्ण अपील कोर्ट ने गलत फैसला सुनाया, लेकिन हमें यकीन है कि अंत में अमेरिका की जीत होगी। अगर ये टैरिफ हटाए गए, तो यह अमेरिका के लिए विनाशकारी होगा। यह हमें आर्थिक रूप से कमजोर कर देगा।”

ट्रंप का कहना है कि टैरिफ अमेरिकी मजदूरों और कंपनियों की रक्षा करते हैं। उनके मुताबिक, दूसरे देशों ने सालों तक अमेरिका के खिलाफ टैरिफ और व्यापारिक बाधाओं का इस्तेमाल किया, जिससे अमेरिकी निर्माता और किसान कमजोर हुए। अब वे टैरिफ के जरिए अमेरिका को फिर से मजबूत और समृद्ध बनाना चाहते हैं। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोर्ट का फैसला लागू हुआ, तो अमेरिका को भारी व्यापार घाटे का सामना करना पड़ेगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा।

टैरिफ का मतलब और ट्रंप का फैसला

अब इस टैरिफ का मतलब समझ लें। टैरिफ यानी आयात कर, जो किसी देश से आने वाले सामान पर लगाया जाता है। इससे सामान की कीमत बढ़ जाती है और उस देश का सामान खरीदना महँगा पड़ता है। ट्रंप ने अपने कार्यकाल में कई देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाए, खासकर उन देशों पर जिनके साथ अमेरिका का व्यापार घाटा था। व्यापार घाटा यानी जब कोई देश दूसरे देश से ज्यादा सामान खरीदता है और कम बेचता है।

ट्रंप का कहना था कि ये टैरिफ अमेरिकी कंपनियों और मजदूरों को फायदा पहुँचाएँगे, क्योंकि इससे विदेशी सामान महंगा होगा और लोग अमेरिकी सामान खरीदेंगे। 2 अप्रैल 2025 को ट्रंप ने करीब 60 देशों और व्यापारिक समूहों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। यह पिछले 100 सालों में अमेरिका द्वारा टैरिफ में की गई सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी। उन्होंने इसे ‘मुक्ति दिवस’ का नाम दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने भी दिया यही फैसला, तो ट्रंप को हटाने पड़ जाएँगे टैरिफ

ट्रंप अब इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। उनके पास 14 अक्टूबर 2025 तक का समय है। अगर सुप्रीम कोर्ट भी अपील कोर्ट के फैसले को बरकरार रखता है, तो ट्रंप को अपने टैरिफ हटाने पड़ सकते हैं। इससे उनकी नीतियों को बड़ा झटका लगेगा। ट्रंप का मानना है कि टैरिफ अमेरिका को आर्थिक रूप से मजबूत बनाते हैं, लेकिन कोर्ट और कई जानकार इससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि टैरिफ से उपभोक्ताओं को नुकसान होता है, क्योंकि सामान की कीमतें बढ़ जाती हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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