उत्तराखंड के देहरादून में UKSSSC पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में बेरोजगार युवा प्रदेश की धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। जहाँ कट्टरता की वही सीमापार हुई जैसे साल 2020 के दौरान दिल्ली दंगो में हुई थी। देहरादून में चल रहे प्रदर्शन में भी वही ‘आजादी’ के नारे लगाए गए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
पेपर लीक पर सड़कों पर उतरने वाले है तो बेरोजगार युवा और इन युवाओं की माँग मामले में CBI जाँच कराए जाने की है। जबकि धामी सरकार पहले ही पेपर लीक मामले में SIT गठन के आदेश दे चुकी है। इससे साफ है कि प्रदर्शन अब सिर्फ पेपर लीक मामले में जाँच की माँग तक सीमित नहीं है बल्कि हिंदुओं के विरोध और उत्तराखंड में नेपाल और बांग्लादेश जैसी स्थिति बनाने की साजिश है।
नेपाल-बांग्लादेश-श्रीलंका जैसी हिंसा फैलाने की साजिश के सबूत
उत्तराखंड में UKSSSC पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन से नेपाल और बांग्लादेश जैसे हालात बनाने के सबूत भी ऑपइंडिया को मिले हैं। प्रदर्शन से संबंधित कुछ कुछ व्हाट्सऐप ग्रुप के चैट्स के स्क्रीनशॉट्स मिले हैं। इन चैट्स में युवाओं को सरकार के खिलाफ भड़काया जा रहा है, ये बिल्कुल वैसा ही है जैसा हाल ही में नेपाल में हुआ और पिछले साल बांग्लादेश और तीन साल पहले श्रीलंका में हुआ।
नीचे दिखाया गया स्क्रीनशॉट ‘प्रदेश युवा संगठन उत्तराखंड क्रांति दल’ नाम से व्हाट्सऐप ग्रुप का है। जो युवाओं को नेपाल के प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए भड़का रहा है। इस व्हाट्सऐप ग्रुप पर चैट्स में लिखा गया, “धामी के घर पर आग लगा दो जैसा नेपाल में हुआ।”

इस व्हाट्सऐप ग्रुप के एडमिन युवाओं से संदेश भेजते हैं, जिसमें लिखा है, “भाई लोगों सभी मिलकर मारते हैं धामी को, नेपाल वाला इतिहास दोहराया जाए।”

इस ग्रुप में हो रही बातचीत को देख यही लगता है कि शिक्षा और बेरोजगारी के खिलाफ देहरादून में चल रहा प्रदर्शन अब आम युवाओं का नहीं रह गया। बल्कि कुछ अन्य तत्व इसमें घुसने के प्रयास में है। चैट देख पता चलता है कि उत्तराखंड में युवाओं को नेपाल के Gen Z की तरह ही भड़कने को कहा जा रहा है।
अजीब बात ये है कि ये सब ठीक उस समय हो रहा है जब लेह में भी बरगलाए जाने के लिए युवा सड़कों पर हैं और उनके भड़काने में कॉन्ग्रेसी इकोसिस्टम का नाम आ रहा है। ये सब घटनाएँ देखते हुए ये सवाल उठना जायज है कि उत्तराखंड में Gen Z को भड़काने वाले लोग कौन हैं। क्या इनके लिए मुद्दा सिर्फ पेपर लीक है, या ये पेपर लीक मामले की आड़ में अपनी कोई और राजनीति करना चाहते हैं।
प्रदर्शन में नेपाल की तरह नेताओं को जिंदा जलाने की धमकी
ऐसा ही एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रदर्शन में शामिल युवती हिंदुओं का विरोध के साथ ही भारत में नेपाल जैसे हालात बनने की चेतावनी भी देती है। उसने साफ शब्दों में सीएम पुष्कर धामी के मरने की भी धमकी दे डाली और कहा कि उन्हें बचाने खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टर भी नहीं आएँगे।
इस वीडिया में मीडिया से बातचीत में युवती कहती है, “जिस दिन युवाओं ने नेपाल जैसी हालत कर दी और मौसम खराब रहा तो इन्हें लेने तो हेलीकॉप्टर लेने भी नहीं आएँगे। जैसे बांग्लादेश और नेपाल में हेलीकॉप्टर ने नेताओं को उठाया था। हम दुआ करेंगे कि मौसम इतना खराब रहे कि जिंदा जलाया जाए। युवा जाग चुका है।”
हिंदू धर्म का अपमान करते हुए युवती ने कहा, “सरकार सिर्फ हिंदू धर्म का आगे बढ़ाती है। जैसे बलिदानी सैनिक तिरंगे में लिपटता है वैसे ही इन नेताओं को भगवा में लिपटकर भेजो तब औकात पता चलेगी। युवाओं को जगना होगा, गाँव में भगवा घुसने ही नहीं दिया जाए।”
उत्तराखंड में नकल जिहाद बर्दाश्त नहीं: CM पुष्कर धामी
पेपर लीक मामले ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने भी सख्त रुख अपनाया है। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड में नकल जिहाद की कोशिश को कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, कोचिंग और नकल माफिया एक होकर राज्य में नकल जिहाद छेड़ने और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि जब तक उनकी सरकार सभी नकल माफियाओं को मिट्टी में नहीं मिला देती, तब तक चैन से नहीं बैठेगी।
पेपर लीक करने वाला खालिद हरिद्वार से गिरफ्तार
UKSSSC पेपर लीक का साजिशकर्ता खालिद मलिक को उत्तराखंड पुलिस ने हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस खालिद मलिक को देहरादून लाने की तैयारी कर रही है। जाँच के दौरान पता चला कि आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज बहादरपुर जट परीक्षा केंद्र से पेपर लीक हुआ था।
केंद्र में कुल 18 कमरे थे, लेकिन 3 कमरों में जैमर (रेडियो फ्रीक्वेंसी पर सिग्नल भेजने वाला टूल) नहीं थे और खालिद मलिक उसी 3 कमरों में से किसी एक में बैठकर परीक्षा दे रहा था। खालिद ने एक डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए प्रश्न पत्र अपनी बहन साबिया को भेजा, जिसने इसे प्रोफेसर सुमन चौहान तक पहुँचाया। खालिद की दूसरी बहन हीना और प्रोफेसर सुमन चौहान पुलिस हिरासत में हैं।


