बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दो चरणों का मतदान पूरा हो चुका है और अब जनता के रुझान एग्जिट पोल के रूप में सामने आने लगे हैं। देशभर की प्रमुख सर्वे एजेंसियों ने अपने-अपने एग्जिट पोल के सर्वे जारी कर दी हैं, जिनमें इस बार बिहार में NDA की सरकार बनती दिखाई दे रही है।
हर एजेंसी के आँकड़े थोड़े-बहुत अलग हैं लेकिन सभी सर्वे में एक समान संकेत है कि बिहार की जनता ने एक बार फिर NDA पर भरोसा जताया है। वहीं तेजस्वी यादव और राहुल गाँधी के नेतृत्व वाला महागठबंधन पिछड़ता नजर आ रहा है, जो एग्जिट पोल के मुताबिक 70-90 सीटों पर ही सिमट सकता है।
इस बीच पहली बार बिहार की राजनीति में कदम रखने वाली प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी को लेकर एग्जिट पोल्स में निराशाजनक संकेत मिले हैं। लगभग सभी प्रमुख सर्वे के मुताबिक जनसुराज पार्टी का खाता खुलना भी मुश्किल लग रहा है। हालाँकि, कुछ इलाकों में पार्टी को सीमित समर्थन जरूर मिला लेकिन यह राज्यव्यापी असर बनाने में नाकाम रही।
कुल मिलाकर एग्जिट पोल्स यह दिखा रहे हैं कि बिहार की सियासत में इस बार फिर NDA की मजबूत वापसी होती दिख रही है जबकि विपक्ष को जनता के रुझान में उम्मीद से कम समर्थन मिला है।
MATRIZE एग्जिट पोल
MATRIZE ने एग्जिट पोल के अनुसार, बिहार चुनाव 2025 में NDA जीत हासिल करेगी। चुनाव में NDA को 147-167 सीटें मिलने वाली हैं। वहीं महागठबंधन को 70-90 सीटों पर सिमटकर रह जाएगा। उधर अन्य पार्टियों को 3-6 सीटें मिलने की संभावना है।
IANS-Matrize Bihar Exit Poll: Alliance & Party Seat Share Projections #BiharElection2025 #ExitPoll pic.twitter.com/x7hGkbSBAt
— IANS (@ians_india) November 11, 2025
People’s Insight के एग्जिट पोल
People’s Insight के एग्जिट पोल के हिसाब से बिहार चुनाव में NDA 133-148 सीटें हासिल करेगी। वही महागठबंधन को 87-102 सीटें मिलने का अनुमान है जबकि जनसुराज पार्टी केवल 0-2 सीटों पर सिमटकर रह जाएगी। उधर अन्य पार्टियों की झोली में 3-6 सीटें जाने की संभावना है।
?️ Bihar Assembly Elections 2025: Exit Poll
— People's Insight?? (@peoplesinsight) November 11, 2025
?NDA- 133-148 seats (44.71%)
?MGB- 87-102 seats (40.34%)
?JSP- 0-2 seats (7.93%)
?AIMIM- 2-3 seats (1.74%)
?JJD 0-1 seat (0.25%)
?IND- 1-2 seats(2.16%)
PS:
▪️Actual results may vary based on counting, voter turnout patterns, and… pic.twitter.com/pAJN7HGY3f
दैनिक भास्कर के एग्जिट पोल
दैनिक भास्कर के एग्जिट पोल में भी NDA को बढ़त मिल रही है। सर्वे के अनुसार, NDA 145-160 सीटों पर जीत सकती है। महागठबंधन को 73-91 सीटें मिलने का अनुमान है। जनसुराज का खाता भी खुल सकता है, पार्टी को 0-3 सीटें मिल सकती हैं। वहीं अन्य दल 5-10 सीटों पर जीत हासिल कर सकते हैं।
DAINIK BHASKAR BIHAR EXIT POLL
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) November 11, 2025
NDA : 145-160
MGB : 73-91
Modi wave in Bihar !! pic.twitter.com/5jKMIX3HzA
रिपब्लिक टीवी का ‘P MARQ’
रिपब्लिक टीवी के P-Marq के एग्जिट पोल के अनुसार, NDA 142-162 सीटों के साथ बिहार चुनाव में बाजी मारेगी। सर्वे में महागठबंधन को 80-98 सीटें मिलने का अनुमान है। जन सुराज के खाते में 01-04 सीटे आ सकती हैं। वही अन्य दलों को 00-03 सीटे मिल सकती हैं।
#NDTVPollOfPolls | P-Marq ने बिहार में NDA की बनाई सरकार…142-162 सीटें दी#BiharElectionsWithNDTV | #BiharElection | #ExitPoll pic.twitter.com/nda0HFrhrl
— NDTV India (@ndtvindia) November 11, 2025
Chanakya Strategies का एग्जिट पोल
Chanakya Strategies के एग्जिट पोल में NDA को 130-138 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है जबकि महागठबंधन को 100 से 108 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। एग्जिट पोल में जनसुराज तो शून्य सीटों के साथ खाता ही नहीं खोल सकी। वहीं अन्य दलों को 3 से 5 सीटें मिलने की उम्मीद है।
#BREAKING | CHANAKYA STRATEGIES का एग्जिट पोल
— ABP News (@ABPNews) November 11, 2025
– NDA 130-138, महागठबंधन 100-108
– अन्य 3-5@chitraaum | https://t.co/smwhXURgtc#BiharResultsOnABP #PollOfPolls #BiharElection2025 #voting #Exitpoll2025 pic.twitter.com/DHV6woC2oC
न्यूज 24 का एग्जिट पोल
न्यूज 24 के एग्जिट पोल में NDA को 152 सीटों से बहुमत मिल सकती है। महागठबंधन की केवल 84 सीटों पर जीतने की संभावना है। वहीं अन्य दल 7 सीट पर बाजी मार सकते हैं।
न्यूज 18 के एग्जिट पोल
न्यूज 18 के एग्जिट पोल में NDA को भारी बहुमत हासिल हो रही है। एग्जिट पोल में NDA को 140 से 150 सीटें मिल सकती हैं। उधर महागठबंधन को 85 से 95 सीटें मिलने की संभावना है। वहीं अन्य दलों को 7 सीटें मिल सकती हैं।
टाइम्स नाउ के एग्जिट पोल
टाइम्स नाउ के एग्जिट पोल में NDA को 143 सीटें के साथ बढ़त मिलती दिख रही है। महागठबंधन को भी 95 सीटें मिलने की संभावना हैं। वहीं अन्य दल 5 सीटें जीत सकते हैं।
क्या है एग्जिट पोल?
एग्जिट पोल (Exit Poll) वह सर्वेक्षण होता है, जो किसी चुनाव में मतदान खत्म होने के तुरंत बाद किया जाता है। जब लोग अपने-अपने मतदान केंद्रों से वोट डालकर बाहर निकलते हैं तो सर्वे एजेंसियों के प्रतिनिधि उनसे पूछते हैं कि उन्होंने किस पार्टी या उम्मीदवार को वोट दिया।
इन जवाबों के आधार पर एजेंसियाँ एक अनुमान तैयार करती हैं कि किस पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं और कौन-सी पार्टी सरकार बना सकती है। यही अनुमान एग्जिट पोल कहलाता है। इसे आम तौर पर मतदान समाप्त होने के बाद लेकिन वोटों की गिनती से पहले, टीवी चैनलों और अखबारों में प्रकाशित किया जाता है।
एग्जिट पोल के मायने?
एग्जिट पोल का असली मतलब होता है जनता के रुझान का अंदाजा लगाना। यह चुनाव के नतीजों की आधिकारिक घोषणा नहीं होती बल्कि केवल ‘संभावित जनमत का आकलन‘ होता है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि किन मुद्दों पर मतदाताओं ने वोट दिया, किन क्षेत्रों में किस पार्टी को बढ़त मिली और आम जनता का झुकाव किस ओर रहा।
हालाँकि, एग्जिट पोल हमेशा सटीक नहीं होते है क्योंकि यह सीमित सैंपल पर आधारित होते हैं और हर मतदाता का वोट गुप्त होता है। फिर भी यह चुनावी माहौल का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है, जो मतदान के बाद जनता की सोच और रुझान को समझने में मदद करता है।
मतदान में चुनाव आयोग की 17 नई पहल का प्रभाव
इस बार बिहार में मतदान में सारे रिकॉर्ड टूट गए। पहले चरण में 64.66 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि दूसरे चरण में भी रिकॉर्ड तोड़ 68.55 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। इसके पीछे चुनाव आयोग की नई तकनीकी और प्रबंधन संबंधी 17 पहलों की बड़ी भूमिका रही। आयोग ने पहली बार राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की, जिससे मतदान प्रक्रिया की रीयल-टाइम निगरानी संभव हुई और लोगों में भरोसा बढ़ा।
इसके अलावा हर मतदान केंद्र पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या घटाकर 1200 कर दी गई ताकि भीड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके। उम्मीदवारों के रंगीन फोटो वाले EVM बैलेट, मोबाइल जमा केंद्र, विकलांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर और ई-रिक्शा जैसी सुविधाएँ भी इस बार जोड़ी गईं।
इन पहलों का सीधा असर मतदान प्रतिशत पर पड़ा। अधिक पारदर्शिता और सुविधा के कारण मतदाताओं में उत्साह बढ़ा और ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक लंबी कतारें नजर आईं। ECINet नाम की डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मतदान की रीयल-टाइम जानकारी ने भी प्रशासनिक निगरानी को आसान बनाया। साथ ही मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) अभियान के कारण बड़ी संख्या में नए मतदाता जुड़ सके, जिससे मतदान का दायरा और बढ़ गया।
नतीजा यह रहा कि बिहार ने इस बार पिछले सभी चुनावों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे अधिक मतदान दर्ज किया, जो यह दर्शाता है कि जब चुनाव प्रक्रिया भरोसेमंद और सुविधाजनक बनती है तो लोकतंत्र में लोगों की भागीदारी अपने आप बढ़ जाती है।


