वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन डेडलाइन खत्म, लाखों अभी भी अनरजिस्टर्ड: केंद्र सरकार ने दी 3 माह की राहत, नहीं लगेगी कोई पेनल्टी

उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को रजिस्टर करने की सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय छह महीने की समय सीमा शुक्रवार (5 दिसंबर 2025) को समाप्त हो गई, लेकिन देशभर में अब भी लाखों संपत्तियाँ रजिस्ट्रेशन से बाहर हैं।

इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने संपत्ति मालिकों को राहत देते हुए घोषणा की है कि जिन्होंने रजिस्ट्रेशन की कोशिश की लेकिन किसी कारण पूरा नहीं कर सके, उनके खिलाफ अगले तीन महीनों तक कोई कार्रवाई नहीं होगी। यह राहत अवधि शुक्रवार (5 दिसंबर 2025) से लागू मानी जाएगी।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि अब तक 1.51 लाख से अधिक वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। कर्नाटक (50,800), पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि कुछ बड़े राज्यों में प्रक्रिया धीमी रही। कई जिलों से पोर्टल के धीमे चलने और दस्तावेजों की कमी जैसी शिकायतें भी मिलीं।

रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट की शर्तों के कारण केंद्र समय सीमा सीधे नहीं बढ़ा सकता, लेकिन वक्फ ट्रिब्यूनल जरूरत के आधार पर छह महीने तक अतिरिक्त राहत दे सकता है।

उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे जागरूकता बढ़ाने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। मंत्री ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार रजिस्ट्रेशन में किसी भी तरह की दिक्कत आने पर लोगों की पूरी मदद करेगी।