गाजियाबाद के लोनी इलाके में रहने वाले Ex मुस्लिम सलीम वास्तिक पर शुक्रवार सुबह तड़के बाइक सवार दो लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। हेलमेट पहने हमलावरों ने सलीम के ऑफिस में घुसकर चाकूओं से 6-7 वार किए और फिर सलीम को मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए। पड़ोसियों की सूचना पर पहुँची थाना पुलिस ने उन्हें तत्काल जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया। जहाँ उनकी हालत अभी गंभीर बनी हुई है।
सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के बाद ऑपइंडिया की टीम शुक्रवार शाम को अली गार्डन, लोनी की उस जगह पहुँची जहाँ सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला हुआ। यहाँ गली में पीला कुर्ता सिर पर गोल टोपी पहने व्यक्ति ने हमें सलीम का घर बताते हुए कहा कि हमें नहीं पता उनके साथ क्या हुआ है। हम तो दूर रहते हैं। हमें तो सुबह पता चला। पास खड़े दूसरे व्यक्ति ने बताया कि हमें भी सुबह पता चला है जब यहाँ भीड़ लगी थी। हमें नहीं पता ये सब किसने किया है। हम तो सोए हुए थे क्योंकि ड्यूटी से आए थे, लेकिन सुना है कि बाइक पर दो लोग आए थे हमला करने।
इस बीच दुकान के सामने खड़े लोगों से हमने बात की। एक युवक ने हमसे बात करते हुए कहा कि सुबह एंबुलेंस आई तो पता चला हमें नहीं ये सब कब और किसने किया है। पास खड़े दूसरे व्यक्ति ने बताया कि वह उनकी किसी से दुआ सलाम नहीं था। जो हुआ है गलत हुआ है इंसानियत के खिलाफ है, लेकिन ये उन्हीं को पता होगा कि उनके साथ ऐसा क्यों हुआ या हमला करने वालों की क्या मजबूरी थी। सलीम क्या करता था यह सब को पता है इसके बाद वह युवक अपने फोन में सलीम के यूट्यूब चैनल पर जाकर उसकी वीडियो दिखाता है।
इसके बाद हम सलीम वास्तिक के घर के सामने पहुँच जाते हैं। जहाँ हमने देखा कि सलीम के घर के गेट पर ताला लटका हुआ है ऑफिस का शटर डाउन है और एक सफेद रंग की नई औरा कार खड़ी हुई है जोकि सलीम की है। घर की छत पर एक तिरंगा लगा है। घर की दाएँ दीवार(बाहरी हिस्से में) पर एक बड़ा सा होर्डिंग लगा है जिस पर सलीम वास्तिक का नाम, नंबर और टीवी गेस्ट पेनल्सिट लिखा है। हमने देखा कि शटर के निचले हिस्से में खून पड़ा हुआ है जोकि धटना की भयावह स्थिति को दर्शाता है।
हमने आसपास में रहने वाले उनके पड़ोसियों से बातचीत करने की कोशिश की। सलीम के सामने रहने वाली एक महिला ने अपना चेहरा कैमरे पर न दिखाते हुए हमें बताया कि सुबह हम जब जागे तो यहाँ घर के सामने लोगों की भीड़ इकट्ठा थी। फिर पुलिस उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले गयी। इस घटना को सुनकर ही हम इतना डर गए कि सुबह से हम और हमारे बच्चे घर से बाहर नहीं निकले और खाना खाने की भी हिम्मत नहीं हुई। यह बहुत गलत हुआ है।
हमने सलीम वास्तिक के बाईं ओर वाले घर का दरवाजा खटखटाया। घर से निकली महिला ने बताया कि हमारा इनसे कोई संबंध नहीं है। हम इनके बारे में कुछ नहीं जानते। लेकिन सुबह जब हम उठे तो हमारे घर के बाहर लोगों की भीड़ थी। हमने कुछ और पड़ोसियों से बातचीत करने की कोशिश की कुछ पड़ोसियों ने हमें देखकर अपने घर का दरवाजा बंद कर लिया तो कुछ ने यह कहते हुए हमसे दूरी बना ली कि इस बारे में हम कुछ नहीं जानते।
“खून से लतपथ जमीन पर पड़े तड़प रहे थे सलीम”
इस बीच हमारी मुलाकात सलीम के पीछे रहने वाले अलीमुद्दीन से हुई, जिन्होंने हमें बताया कि सुबह करीब 7:30 बजे के आसपास मुझे चीखने की आवाज आई तो घर से भागा तो देखा कि सलीम वास्तिक के ऑफिस का कांच वाला एक दरवाजा खुला है और खून से लतपथ सलीम जमीन पर उल्टे पड़े हुए थे और घायल सलीम छटपटाते हुए बैठने की कोशिश कर रहे थे। मुझसे देखा नहीं गया मैंने तुरंत पुलिस को फोन किया। इसके बाद मौके पर पहुँची पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई। मैं उन्हें पहले से नहीं जानता लेकिन मैंने उनका नाम सुना था।
सलीम पर हमले से घबराई पड़ोसी महिला फफक-फफककर रो पड़ी
सलीम के घर के दाँयी ओर एक खाली प्लॉट है उससे सटे घर में रहने वाली महिला रूबीना ने हमें बताया कि घटना से कुछ देर पहले ही वह हमारे घर का दरवाजा बँद करके गए थे। मुझे पता चला तो उन्होंने पूछा कि अब बिटिया की तबियत कैसी है। इसके बाद वह चले गए। इसके कुछ देर बाद पता चला कि उनके ऊपर हमला हुआ है। मैं यह सुनकर इतनी घबरा गई कि उन्हें देखने भी नहीं गई और मुझे पुलिस से भी डर था कि शायद मैं जाऊँगी तो पुलिस मुझसे पूछताछ करेगी।
महिला आगे कहती है कि अब मुझे अब बहुत अफसोस हो रहा है कि वह मेरी बेटी का इलाज करा रहे थे हमारी चिंता भी कर रहे थे। उन्होंने हमारी बेटी के इलाज में कई बार मदद भी की है। इसके बाद महिला फफक-फफककर रो पड़ती है। महिला आगे कहती है कि वह किसी के लिए कैसे भी हों लेकिन हमारे लिए बहुत अच्छे इंसान थे, जिसने भी यह किया है बहुत गलत किया है ऐसा नहीं होना चाहिए था।
बेटे की शिकायत पर पुलिस ने पाँच लोगों के खिलाफ दर्ज की रिपोर्ट
इस बीच डीसीपी सुरेन्द्र नाथ तिवारी ने अपनी टीम के साथ सलीम के पड़ोसियों से पूछताछ करते हुए घटनास्थल का मुआयना किया। डीसीपी सुरेन्द्र नाथ तिवारी ने ऑपइंडिया को बताया कि सुबह एक व्यक्ति के चाकू लगने की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। गंभीर हालत में पीड़ित को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहाँ सलीम वास्तिक का सफल ऑपरेशन हो गया है।
मामले की जाँच के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। फारेंसिक टीन ने मौके से नमूना ले लिए हैं। सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। सलीम के बेटे अस्मान की तहरीर के आधार पर भाटी बिल्डर,एएमआईएम नेता अजगर, अशफाक, शाहरूख और सानू के खिलाफ हत्या के प्रयास में रिपोर्ट दर्ज की गई है। जल्द ही आरोपितों की गिरफ्तारी कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
आपको बता दें कि सलीम वास्तिक ने वर्षों पहले इस्लाम को त्याग दिया था लेकिन उन्होंने किसी दूसरे धर्म को नहीं अपनाया और Ex मुस्लिम बनकर अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से इस्लाम की कुरीतियों पर कुरान और हदीस के हवाले से बात करते थे। इसे लेकर कई बार सलीम के खिलाफ फतवे भी जारी हुए और उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से आए दिन जान से मारने की धमकी मिलती रहती थीं, लेकिन इसके बावजूद सलीम बिना किसी सुरक्षा के बैखोफ होकर घूमते थे। यही कारण रहा कि हमलावर आसानी से उनके घर में आकर उनके ऊपर हमला कर देते हैं।


