नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार (6 जून 2026) को कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) का बहुप्रचारित प्रदर्शन आयोजित किया गया। सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन को लेकर काफी चर्चा और प्रचार हुआ था।
ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि CJP के लाखों ऑनलाइन समर्थकों में से कम से कम हजारों लोग प्रदर्शन में शामिल होंगे। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही निकली।
प्रदर्शन में लोगों की संख्या काफी कम रही और यह आयोजन लगभग फ्लॉप साबित हुआ। हालात ऐसे थे कि प्रदर्शनकारियों से ज्यादा संख्या में मीडिया कर्मी और पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद नजर आए।
दिलचस्प बात यह रही कि प्रदर्शन में शामिल कई समर्थकों को खुद यह स्पष्ट नहीं था कि प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य और एजेंडा क्या है। CJP की ओर से कहा गया था कि यह प्रदर्शन हाल के NEET और CBSE परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार, खासकर शिक्षा मंत्री के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है। लेकिन प्रदर्शन के दौरान ‘आजादी-आजादी’ जैसे नारे भी लगाए गए।
जब कुछ पत्रकारों ने प्रदर्शनकारियों से उनकी माँगों और एजेंडे के बारे में बात करने की कोशिश की और इन नारों को लेकर सवाल पूछे, तो उन्हें विरोध और बदसलूकी का सामना करना पड़ा। कई प्रदर्शनकारियों ने पत्रकारों को घेर लिया, धक्का-मुक्की की और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की, जबकि वे केवल अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभा रहे थे।
ओपइंडिया के पत्रकार अनुराग मिश्रा के साथ भी ऐसा ही हुआ। जब उन्होंने प्रदर्शन में मौजूद CJP समर्थकों से उनकी माँगों के बारे में बात करने की कोशिश की, तो कई समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और ‘गोदी मीडिया’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।
अनुराग मिश्रा ने केवल इतना सवाल पूछा था कि सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स होने के बावजूद प्रदर्शन स्थल पर लोगों की संख्या इतनी कम क्यों है। लेकिन यह सवाल सुनते ही कई समर्थक नाराज हो गए और उन्होंने पत्रकार को घेरकर शोर-शराबा करना शुरू कर दिया तथा उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की।
A few days ago, these cockroaches were abusing PM Modi for "not taking questions."
— Mr Sinha (@Mrsinha) June 6, 2026
Now, the same cockroaches tried to heckle @OpIndia_com reporter for asking questions, while calling him "Godi Media."
He stands alone. He stands tall. And he asks questions that these… pic.twitter.com/TluAElXS04
हालाँकि अनुराग मिश्रा अकेले पत्रकार नहीं थे जिन्हें प्रदर्शन स्थल पर CJP समर्थकों के आक्रामक व्यवहार का सामना करना पड़ा। जी न्यूज के एक पत्रकार के साथ भी ऐसी ही घटना हुई।
ज़ी न्यूज के पत्रकार प्रदर्शन की कवरेज कर रहे थे, तभी कई CJP समर्थक उनकी ओर बढ़े और ‘गोदी मीडिया’ के नारे लगाने लगे। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और पत्रकार को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।
जंतर मंतर: ज़ी न्यूज़ का माइक देखते ही भड़के CJP समर्थक, 'गोदी मीडिया गो बेक' के नारे लगाए. #cjpprotest #cjp_पार्टी #GodiMedia pic.twitter.com/5W9ZsiEqML
— Journo Mirror (@JournoMirror) June 6, 2026
प्रदर्शन की कवरेज कर रहीं कुछ महिला पत्रकारों को भी CJP समर्थकों के उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ CJP समर्थकों ने एक महिला पत्रकार को चारों तरफ से घेर लिया। इस दौरान वे जोर-जोर से नारेबाजी कर रहे थे और पत्रकार गंदे-गंदे इशारे भी कर रहे थे।
वीडियो सामने आने के बाद पत्रकारों की सुरक्षा और प्रदर्शन के दौरान उनके साथ हुए व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आलोचकों का कहना है कि अपनी बात रखने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की माँग करने वाले लोगों को पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए।
CJP Supporters showing middle finger to Female Journalist.
— Ankur Singh (@AnkurSingh) June 6, 2026
These Gen-Z who can't even behave decently with women will lead the country? pic.twitter.com/VnGc9x2uGl
एक अन्य महिला पत्रकार को भी प्रदर्शन के दौरान CJP समर्थकों के निशाने पर आना पड़ा। जब वह मौके से रिपोर्टिंग करने की कोशिश कर रही थीं, तब कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेरकर हूटिंग शुरू कर दी और उन पर सरकार का एजेंट होने का आरोप लगाने लगे।
इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने तंज कसते हुए कहा, “मोदी ने इसे 500 रुपए का नोट पकड़ा दिया होगा।” वहीं आसपास मौजूद अन्य समर्थक लगातार नारेबाजी करते रहे। महिला पत्रकार के सवाल पूछने और कवरेज करने के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और उन्हें भी विरोध तथा अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ा।
एक महिला पत्रकार को भी भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। मोदी जी के चेले..मोदीजी के चेले… कहकर कुछ Cockroaches ने विरोध किया है। Godi Media कहकर बुलाया गया है।
— Madan Mohan Soni (@madanmohansoni) June 6, 2026
महिला रिपोर्टर को भारतीय जनता पार्टी के लोग बताया गया है। मामला Cockroach Janta Party के दिल्ली जंतर मंतर पर हुए… https://t.co/A82s8AUJNx pic.twitter.com/Duf5q7rZBT
इसी तरह न्यूज24 के एक पत्रकार को भी प्रदर्शन के दौरान CJP समर्थकों के विरोध और धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। पत्रकार प्रदर्शनकारियों से उनकी माँगों और प्रदर्शन के उद्देश्य को लेकर सवाल पूछने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कुछ समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और लगातार नारेबाजी शुरू कर दी।
पत्रकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति समझाने और सवालों के जवाब लेने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी उनकी बात सुनने के बजाय शेम-शेम और गोदी मीडिया वापस जाओ जैसे नारे लगाते रहे। इस दौरान पत्रकार को लगातार घेरकर परेशान किया गया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया।
The same News24 that is known for its AAP/CJP-friendly coverage saw its own journalist get beaten up by CJP supporters today 🤣
— Amit Kumar Sindhi (@AMIT_GUJJU) June 6, 2026
The irony writes itself 😂😹 pic.twitter.com/KHMB2tCx62
एक अन्य घटना में ABP न्यूज के एक पत्रकार को भी CJP समर्थकों के आक्रामक व्यवहार का सामना करना पड़ा। जब पत्रकार प्रदर्शनकारियों से बात करने और उनकी माँगों को समझने की कोशिश कर रहे थे, तब कुछ समर्थकों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें घेरकर परेशान करना शुरू कर दिया।
हालांकि इस दौरान पत्रकार ने काफी संयम बनाए रखा। प्रदर्शनकारी लगातार आक्रामक अंदाज में नारेबाजी कर रहे थे और माहौल को उग्र बनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पत्रकार ने शांत रहते हुए अपनी रिपोर्टिंग जारी रखने का प्रयास किया। इसके बावजूद उन्हें धक्का देने और रास्ता रोकने जैसी हरकतों का सामना करना पड़ा।
इसके जिम्मेदार अंजना, रूबिका, चित्रा, सुधीर जैसे लोग हैं। भुगतना फील्ड रिपोर्टर को पड़ता है। इस बहादुर रिपोर्टर की सहनशीलता को नमन है, जिन्होने सारी आवाजों को इग्नोर कर अपने Work पर फोकस रखा। pic.twitter.com/EBQkC731Qz
— Sachin Gupta (@Sachingupta) June 6, 2026
प्रदर्शन की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ हुई इन घटनाओं ने CJP नेताओं के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। CJP की ओर से इस पूरे अभियान और प्रदर्शन को अपनी आवाज उठाने तथा सरकार तक अपनी बात पहुँचाने की कोशिश बताया गया था। लेकिन प्रदर्शन स्थल पर पत्रकारों के साथ हुए व्यवहार को लेकर आलोचक इसे विरोधाभास बता रहे हैं।
एक तरफ CJP और उसके नेता सरकार से सवाल पूछने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उदार मूल्यों की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन के दौरान कई पत्रकारों को सवाल पूछने पर विरोध, बदसलूकी, डराने-धमकाने और नारेबाजी का सामना करना पड़ा।
आलोचकों का कहना है कि यदि कोई आंदोलन संवाद और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करता है, तो उसे अपने बारे में पूछे जाने वाले सवालों का भी लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देना चाहिए।
(मूल रूप से ये रिपोर्ट अंग्रेजी में प्रकाशित है। मूल रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।)


