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कॉन्ग्रेस की सहयोगी डीएमके के नेता के बंगले पर छापा, ₹1000 के 268 बंडल मिले

बंडलों की जाँच की गई तो पता चला कि हरेक बंडल का केवल पहला नोट पुराना था। उसके नीचे नोट के शेप में कटे अखबार के पन्ने थे। यानी हरेक बंडल का पहला नोट 1000 का था और बाक़ी रद्दी कागज़।

इंटेलिजेंस ब्यूरो के नई दिल्ली के अधिकारियों ने गुप्त सूचना के आधार पर तमिलनाडु के बोमनमपलायम में एक बंगले की तलाशी ली। यह बंगला कॉन्ग्रेस के सहयोगी दल डीएमके के एक अधिकारी का है। बंगले के एक गुप्त कमरे से 1,000 रुपए के पुराने नोट के 268 बंडल बरामद किए। जब इन बंडलों की जाँच की गई तो पता चला कि हरेक बंडल का केवल पहला नोट पुराना था। उसके नीचे नोट के शेप में कटे अखबार के पन्ने थे। यानी हरेक बंडल का पहला नोट 1000 का था और बाक़ी रद्दी कागज़।

ख़बर के अनुसार, IB के अधिकारियों ने पुराने नोटों के आकार (शेप) में काटे गए अख़बार के 660 बंडल भी ज़ब्त किए हैं। इन बंडलों को कार्टन के बक्सों में रखा गया था और एक ऑफ़िस रूम की शेल्फ के अंदर एक गुप्त कमरे में रखा गया था। पुलिस के मुताबिक, IB अधिकारियों को इस बात की भनक लग गई थी कि राशिद और तीन अन्य अवैध रूप से पैसे के लेन-देन में लगे हैं। माना जा रहा है कि इन्होने उत्तर भारत के एक व्यक्ति के साथ सौदा किया था, जिसमें दावा किया गया था कि उनके पास बड़ी मात्रा में पुराने नोट (विमुद्रीकृत मुद्रा) हैं और एक बार केंद्र में सरकार बदलने के बाद नोट को फिर से वैध कर दिया जाएगा।

इस दावे पर संदेह करते हुए उस व्यक्ति ने IB अधिकारियों को सूचित कर दिया। इसके बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस के साथ शनिवार (28 दिसंबर) की रात को घर पर छापा मारा। बंगला DMK अधिकारी आनंदन का है, जो DMK के पूर्व विधायक एलंगो का बेटा है। इसे राशिद ने किराए पर लिया था। वह बंगले में रॉयल टेक कंपनी चलाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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