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शरिया कानून पर टिप्पणी सुन भड़के कट्टरपंथी, मधुर सिंह को दी कमलेश तिवारी की तरह मारने की धमकी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक मधुर सिंह ने उनकी जीत के लिए प्लेकार्ड कैंपेन की शुरुआत की। इस कैंपेन के दौरान पुरानी दिल्ली में मुस्लिमों की भीड़ ने उन्हें एक बार घेर भी लिया था। साथ ही धमकी दी थी कि एक बार कॉन्ग्रेस को सत्ता में आ जाने दो, हम तुमको सबक सिखाएँगे।

नागरिकता संशोधन कानून आने के बाद देश में कई तथाकथित सेकुलरों और इस्लामिक कट्टरपंथियों का चेहरा उजागर हुआ। हिंदुओं के साथ हमेशा भाईचारे का दावा करने वाले खुलकर हिंदुत्व का विरोध करने लगे। सोशल मीडिया पर शांत लोगों को भी भड़काया जाने लगा। सीएए का समर्थन करने वालों लोगों को या तो भक्त या फिर हिंदू आतंकी करार दे दिया गया। इसी बीच पोस्टर्स के जरिए अक्सर देश से जुड़े राजनैतिक और सामाजिक मुद्दों पर बोलने वाले प्लेकार्ड ब्वॉय मधुर सिंह को कमलेश तिवारी की तरह जान से मारने की धमकी मिली। इस धमकी की वजह अभी हाल ही में उनके द्वारा शरिया पर की गई एक टिप्पणी है।

दरअसल, दो दिन पहले सोशल मीडिया पर मधुर ने सीएए के विरोधी में बोल रही एक मुस्लिम लड़की का वीडियो शेयर किया था। जिसमें वे ट्रिपल तलाक जैसी चीजों का हवाला देकर एनडीए सरकार पर इल्जाम लगा रही थी कि सरकार उनके इस्लामी कानून में दखलअंदाजी करने का प्रयास कर रही है लेकिन मुस्लिम इस्लामी कानून के हिसाब से ही रहते हैं।

लड़की का यह वीडियो शेयर करते हुए मधुर ने इस पर अपनी राय दे दी। उन्होंने लिखा कि यही कारण है कि आखिर क्यों ये लोग डरे हुए है और इतना हंगामा कर रहे हैं। ये जानते हैं कि मोदी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने वाला है। जिससे, देश में शरिया लागू करने के इनके मंसूबों पर पानी फिर जाएगा।

अब हालाँकि, अगर बात देश में अभिव्यक्ति की आजादी की है, तो मधुर की राय से किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। लेकिन कट्टरपंथी फौरन ये टिप्पणी और शरिया शब्द देखकर मधुर को गाली देने लगे। इमाद नाम के शख्स ने उन्हें पर्सनल मैसेज किया कि अगर मुस्लिम शरिया लॉ फॉलो करते हैं, तो इसमें मधुर को क्या दिक्कत है। इतना बोलने के बाद ये मुस्लिम युवक मधुर को गाली देता है और धमकी देता है। इमाद लिखता है, “और वैसे तुम अपनी जान की परवाह करो, मुझे आशा है तुम्हें कमलेश तिवारी की तरह गला काटने की धमकियाँ न मिलती हों।”

इस धमकी के बाद मधुर ने ये स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया और बाकी कट्टरपंथियों की प्रतिक्रिया भी देखने लगे। इसी बीच फरदीन नाम का मुस्लिम युवक मधुर को मैसेज में गाली-गलौच करने लगा और साथ ही उनके घर की महिलाओं पर भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।

ऑपइंडिया से बातचीत में मधुर ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर बहुत सी धमकियाँ मिल रही हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकॉउंट पर कुछ फीचर्स पर प्राइवेसी लगा रही ताकि उनकी स्टोरी या पोस्ट पर ऐसा कमेंट न आए। उन्हें लगता है कि कमलेश तिवारी वाली धमकी के बाद उन्होंने जो स्क्रीनशॉट शेयर किया उससे इमाद के दोस्त उन्हें धमका रहे हैं या उन्हें ये भी आशंका है कि वो इमाद के ही फेक अकॉउंट हों। बता दें इमाद ने शायद अपना अकॉउंट डिएक्टिवेट कर दिया है।

मधुर के मुताबिक उनके इंस्टाग्राम पर ज्यादा फॉलोवर नहीं थे। लेकिन जब से उन्होंने सोशल मीडिया पर सीएए के समर्थन में पोस्ट करना शुरू किया उनके फॉलोवर अचानक से बढ़ गए और फिर जब से फॉलोवर बढ़े उन्हें उनके राजनैतिक विचारों के लिए जान से मारने की धमकियाँ दी जानें लगीं। मधुर ने बातचीत में यह भी बताया कि वे इस मामले पर एफआईआर दर्ज कराने की सोच रहे हैं।

मधुर के अनुसार ट्विटर पर तो उन्हें 12 जनवरी से ही लॉक किया हुआ है। वे वहाँ किसी तरह का ट्वीट नहीं कर सकते। ऐसा इसलिए, क्योंकि बहुत सारे लोगों ने पिछले साल के ट्वीट्स की रिपोर्ट की थी। उनके मुताबिक पुलवामा हमले के बाद उन्होंने एक क्लिन द नेशन के नाम से एक शुरुआत की थी। जिसमें उन्होंने ईमेल अड्रेस मेंशन किया और लोगों ने उसे निजता का हनन बताकर रिपोर्ट कर दिया। हालाँकि उन्होंने आवाज उठाई, लेकिन कुछ भी फर्क़ नहीं पड़ा।

मधुर सिंह के बारे में बता दें वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक हैं और उन्हें दोबारा चुनावों में लाने के लिए प्लेकार्ड कैंपेन की शुरुआत की। इस कैंपेन के दौरान पुरानी दिल्ली में मुस्लिम लोगों की भीड़ ने उन्हें एक बार घेर भी लिया था और साथ ही धमकी दी थी कि एक बार कॉन्ग्रेस को सत्ता में आ जाने दो, हम तुमको सबक सिखाएँगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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