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पुलवामा जैसे IED से पूरे शहर को उड़ाने की साज़िश; 3 माओवादी आतंकी ढेर, 17 IED, 200 डेटोनेटर ज़ब्त

पूरे इलाक़े में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है क्योंकि वहाँ और भी आतंकवादियों के छिपे होने की संभावना है। पुलिस ने बताया कि उन्हें गुमला के कामडार थाना क्षेत्र में कुछ और माओवादी आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली है।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में जिस IED का इस्तेमाल किया गया था, उसी विस्फोटक का इस्तेमाल करके झारखंड को भी दहलाने की साज़िश रची जा रही थी। इस साज़िश को पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने मिलकर नाकाम कर दिया है।

रविवार (फ़रवरी 24, 2019) तड़के गुमला में सुरक्षाबलों ने एक एनकाउंटर में तीन माओवादी आतंकियों को मार गिराया। इसके अलावा घटनास्थल से 2 AK-47 राइफ़ल भी बरामद की गई हैं। पुलिस टीम ने 17 IED जैसा ख़तरनाक विस्फोटक और 200 से अधिक डोटोनेटर बरामद किए हैं। इतने विस्फोटक से पूरे शहर को दहला देने की साज़िश थी।

बता दें कि पूरे इलाक़े में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है क्योंकि वहाँ और भी आतंकवादियों के छिपे होने की संभावना है। पुलिस ने बताया कि उन्हें गुमला के कामडार थाना क्षेत्र में कुछ और माओवादी आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली है।

ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इन माओवादियों का इरादा किसी बड़ी घटना को अंजाम देने का था। सुरक्षा इंतज़ाम को कड़ा करते हुए पूरे इलाक़े की घेराबंदी की गई है जिससे इन माओवादियों के भागने का मौक़ा न मिल सके। घेराबंदी से बौखलाए माओवादियों ने जवाबी गोलीबारी भी की। इसी गोलीबारी में तीन माओवादियों को मार गिराया गया।

जानकारी के अनुसार, पिछले महीने झारखंड के सिंहभूमि ज़िले में सुरक्षा बलों ने पाँच माओवादियों का ख़ात्मा किया था। झारखंड के 19 ज़िले उग्रवाद से प्रभावित हैं और इनमें भी 13 ऐसे ज़िले हैं जो अति उग्रवाद से प्रभावित हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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