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लॉकडाउन के बीच राशन की दुकान का जायजा लेने घूँघट-चप्पल पहनकर पहुँची SDM पल्लवी मिश्रा

एसडीएम पल्लवी मिश्रा ने बताया कि कई दुकानदार एमआरपी से पाँच या दस रुपए ज्यादा पर वस्तुएँ बेच रहे थे। ग्रामीण इलाकों में दुकानें कम होने के कारण इन सभी को चेतावनी दी गई हैं कि इसके बाद दोबारा ऐसे ही किसी और तहसील के अधिकारी से जाँच कराई जाएगी। इसके बाद उन्होंने बीस दुकानदारों को नोटिस भी दिया है।

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन जारी है। यह लॉकडाउन आम जनता के साथ-साथ शासन और प्रशासन की भी परीक्षा साबित हो रहा है। जहाँ एक ओर कोरोना वायरस से संक्रमित आईएएस अधिकारी को विदेश से लौटने के बाद क़्वारंटाइन से घर भागने के आरोप में निलंबित किया गया है, वहीं अधिकारियों का एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है, जो दिन-रात कानून व्यवस्था बनाने से लेकर आम जनमानस की सुविधाओं का अभी ध्यान रख रहा है। ऐसे ही कुछ उदाहरणों में से एक हैं एसडीएम पल्लवी मिश्रा।

मोहनलालगंज, लखनऊ पल्लवी मिश्रा ने लॉकडाउन के दौरान राशन की दुकान, किराना स्टोर का अनोखे अंदाज में निरीक्षण किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आम जनता से कोई मनमानी कीमत ना ली जा रही हो। गरीब और मजबूर लोगों से कोई आटा, दाल, चावल, तेल आदि की रोजमर्रा की वस्तुओं की ज्यादा कीमत न वसूले इसके लिए एसडीएम पल्लवी मिश्रा ने भेष बदलकर चप्पल, और पुराने कपड़े पहनकर आम लोगों के साथ दुकान की कतार में शामिल हो गईं।

वो किसी की पहचान में न आएँ, इसके लिए उन्होंने राशन की दुकान पर घूँघट भी ओढ़ा। रिपोर्ट्स के अनुसार, एसडीएम पल्लवी मिश्रा ने बताया कि कई दुकानदार एमआरपी से पाँच या दस रुपए ज्यादा पर वस्तुएँ बेच रहे थे। ग्रामीण इलाकों में दुकानें कम होने के कारण इन सभी को चेतावनी दी गई हैं कि इसके बाद दोबारा ऐसे ही किसी और तहसील के अधिकारी से जाँच कराई जाएगी। इसके बाद उन्होंने बीस दुकानदारों को नोटिस भी दिया है।

इसके साथ ही उन्होंने इलाके की करीब 30 दुकानों की जाँच की और उनसे ‘कच्चे और पक्के’ बिल जैसी शिकायतों पर भी जानकारी इकट्ठी की। एसडीएम पल्लवी मिश्रा अक्सर अपनी कर्तव्यनिष्ठा के कारण चर्चा में रहती हैं। गत वर्ष ही उन्होंने अपनी बेटी को सरकारी स्कूल में भर्ती करवाकर उदाहरण पेश किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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