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बिहार के मजदूरों की मदद के नाम पर पप्पू यादव ने दिल्ली में जुटाई सैकड़ों की भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियॉं

मालवीय नगर में मजदूरों की भीड़ को संबोधित करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि वो स्थानीय पुलिस के आग्रह पर यहाँ आए हैं। पप्पू यादव की इस सभा में रैली जैसा माहौल था और अधिकतर लोग बिना मास्क के ही आए हुए थे। इनमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे।

पूर्व सांसद पप्पू यादव ने दिल्ली में मजदूरों की सहायता के नाम पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियाँ उड़ा कर रख दी। ”जन अधिकार पार्टी’ के अध्यक्ष ने सैकड़ों मजदूरों को जमाकर नीतीश कुमार की बिहार सरकार पर हमला बोला और कहा कि वे उन सबको घर पहुँचाने की व्यवस्था करेंगे। इस दौरान पप्पू यादव कोरोना के खतरे को भूल गए और एक बड़ी भीड़ जुटा कर गरीबों की जान संकट में डाल दिया।

पप्पू यादव ने कहा कि बिहार के एक-एक मजदूरों को घर ले जाया जाएगा। अगर सरकार के पास रेलवे का किराया नहीं है तो वो किराया देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने मजदूरों को संबोधित करते हुए दावा किया कि एक ट्रेन महज 6.5 लाख रुपए में आता है और सरकार को कम से कम बस एक ट्रेन तो देना ही चाहिए क्योंकि ‘साहब’ उससे महँगा तो सूट ही पहनते हैं।

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि यहाँ दिल्ली में मजदूर बेचैन हो रहे हैं और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चैन से सो रहे हैं। मालवीय नगर में मजदूरों की भीड़ को संबोधित करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि वो स्थानीय पुलिस के आग्रह पर यहाँ आए हैं। पप्पू यादव की इस सभा में रैली जैसा माहौल था और अधिकतर लोग बिना मास्क के ही आए हुए थे। इनमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे।

उन्होंने कहा कि जहाँ भी बिहारी फँसे हुए हैं, वहाँ से उन्हें वापस लाने के लिए वे प्रयासरत हैं। इससे पहले उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर अपहरण का मुकदमा दर्ज करने की माँग की थी और आरोप लगाया था कि उन्होंने बिहार के मजदूरों का अपहरण किया है। ख़ुद की सभा में कोरोना के खतरे को बढ़ावा देते हुए पप्पू यादव ये भूल गए कि सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निर्देश दिया हुआ है और अभी पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है। ख़ासकर दिल्ली के तो सभी 7 जिले रेड जोन में आते हैं।

कोसी बेल्ट से निकल कर बिहार का सर्वमान्य नेता बनने की जद्दोजहद के बीच पप्पू यादव ‘सामाजिक नेता’ की छवि बनाने में लगे हैं। इस क्रम में लालू और नीतीश दोनों पर ही आए दिन हमलावर रहते हैं। लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कहा था कि RJD ने बिहार में मुस्लिम उम्मीदवारों को हराने के लिए भाजपा से समझौता कर लिया है। पटना बाढ़ के दौरान वो एक मंत्री के घर कचरा फेंकने जा रहे थे, तब उनका चालान काटा गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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