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प्रयागराज: रिश्तेदारों के खूनी संघर्ष में सपा नेता राघवेंद्र यादव ने खोजा ‘जाति विशेष’, फेक न्यूज पर SSP ने हड़काया

प्रयागराज पुलिस ने राघवेंद्र के ट्वीट के जवाब में लिखा, "कृपया जातिगत रंग न दें। दोनों पक्ष एक ही परिवार, रिश्तेदार तथा जाति के हैं। ठोस कार्रवाई करते हुए दस अभियुक्तों को हिरासत में लिया गया है।"

प्रयागराज में बीते दिनों जमीन विवाद को लेकर रिश्तेदारों में खूनी संघर्ष हो गया। तीन की मौत हो गई। लेकिन, सपा नेता राघवेंद्र यादव ने इस मामले को जातिवादी रंग देने की कोशिश की। उसके दावों को गलत करार देते हुए SSP ने मामले में की गई कार्रवाई से अवगत कराया है।

जमीन विवाद में 3 लोगों की लाठी-डंडे से मार-मारकर बेरहमी से हत्या की गई थी। पड़ताल में मालूम चला कि आरोपित और पीड़ित पक्ष न केवल एक जाति के हैं, बल्कि रिश्तेदार भी हैं। जमीन को लेकर इनके बीच सालों से दुश्मनी थी।

मगर, समाजवादी पार्टी के नेता राघवेंद्र यादव ने इस घटना को जातिवादी रंग देने की कोशिश की और सरेआम सोशल मीडिया पर फेक न्यूज फैलाई। 20 मई को राघवेंद्र यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट से इस घटना को लेकर यूपी सरकार को घेरा और दावा किया कि योगी सरकार अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है।

उसने मृतक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा,”इलाहाबाद में दिनदहाड़े लाठी-डंडे से पीटकर एक जाति विशेष की हत्या कर दी गई। योगी जी से अब UP नहीं सँभाला जा रहा। वादे करने से नहीं चलती सरकार। उन वादों को निभाना भी बहुत जरूरी होता है। इस मामले में यूपी की सरकार पूरी तरह से विफल नजर आ रही है।”

प्रयागराज के एसएसपी ने इस ट्वीट पर संज्ञान लिया।

प्रयागराज पुलिस ने राघवेंद्र के ट्वीट के जवाब में लिखा, “कृपया जातिगत रंग न दें। दोनों पक्ष एक ही परिवार, रिश्तेदार तथा जाति के हैं। ठोस कार्रवाई करते हुए दस अभियुक्तों को हिरासत में लिया गया है।”

एक अन्य ट्वीट में एसएसपी प्रयागराज के ट्विटर अकाउंट से बताया गया, “मौके पर पुलिस बल मौजूद है, 10 अभियुक्तों को हिरासत पुलिस में लिया गया है एवं अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।”

क्या है मामला?

प्रयागराज के कोरांव इलाके के निश्चिंतपुर गाँव में बुधवार (मई 20, 2020) को जमीन के सालों पुराने विवाद में तीन सगे भाइयों की लाठी और बंदूक के बट से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में एक महिला समेत 3 लोग घायल हुए थे। पूरे मामले में पुलिस ने चार महिलाओं सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया।

पड़ताल में मालूम चला था कि पीड़ित पक्ष के 5 लोग पहले से ही जेल में थे। उन्होंने कुछ साल पहले आरोपित पक्ष के घर के एक सदस्य की हत्या कर दी थी।

कोरांव में जमीन के झगड़े में तीन सगे भाइयों की हत्या से सनसनी
साभार: दैनिक जागरण

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रह्मदीन सिंह यादव और शिवनारायण सिंह यादव में करीब 40 साल से जमीन का विवाद बना हुआ था। करीब 6 साल पहले ब्रह्मदीन के परिवार ने शिवनारायण के घर के सदस्य मुलायम सिंह यादव की हत्या कर दी। जिसके बाद ब्रह्मदीन और उसके तीन पुत्र व दामाद जेल में बंद हो गए। मगर, बाकी चार पुत्र मुंबई में ऑटो चलाते रहे।

ऐसे में कोरोना संकट के कारण चारों भाई 10 दिन पहले गाँव लौटे तो विवाद दोबारा बढ़ गया। ब्रह्मदीन के चारों बेटों में से बड़े बेटे ने बताया कि 20 तारीख को दोपहर 12 बजे वह भाइयों के साथ खेत की जोताई करने गया, तभी विरोधी परिवार के लोग उन पर टूट पड़े। उन लोगों ने खेत पर अपना हक जताया और लाठी-डंडे से चारों भाइयों पर हमला बोल दिया। चारों में से बड़े भाई विंध्यवासिनी ने इस दौरान मौके से भागकर अपनी जान बचाई ।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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