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बॉलीवुड की वो फिल्म, जिसमें पाकिस्तानी दर्शकों का ख्याल रखते हुए बदल दी गई कहानी

फिल्म की असल नायिका (किताब वाली) को भारत लौटने या पति को मारने का ज़रा भी दुःख नहीं था। लेकिन निर्देशक मेघना गुलज़ार ने पाकिस्तानी दर्शकों को रिझाने के लिए फिल्म का “नैरेटिव” ही बदल दिया।

“कॉलिंग सहमत” (calling sehmat) नाम की एक किताब है, जिसके लेखक हैं हरिंदर सिक्का। आलिया भट्ट की फिल्म ‘राज़ी’ इस किताब पर ही आधारित है। सोमवार के दिन उन्होंने अपनी किताब से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया। हरिंदर सिक्का ने बताया कि फिल्म का अंतिम हिस्सा उनकी किताब से पूरी तरह अलग है। 

रिपब्लिक टीवी चैनल पर एक चर्चा के दौरान हरिंदर सिक्का ने इस बात का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि फिल्म का अंतिम हिस्सा उनकी लिखी हुई किताब से पूरी तरह अलग है। सिक्का ने यह भी कहा कि फिल्म की निर्देशक मेघना गुलज़ार ने ऐसा पाकिस्तान के दर्शकों को रिझाने के लिए किया।

फिल्म की नायिका सहमत (आलिया भट्ट) जो पाकिस्तान में जासूसी करने वाली भारतीय जासूस का किरदार निभाती है। उसे इस बात की नाराज़गी होती कि उसका इस्तेमाल किया जा रहा है। हरिंदर सिक्का ने समझाया कि यह ‘नाराज़गी’ और ‘इस्तेमाल’ ही पाकिस्तान के दर्शकों को खुश करने के लिए जबरन ठूँसा गया।

फिल्म में ऐसा दिखाया जाता है कि पाकिस्तान की सेना 1971 में भारत पर हमले की योजना बनाती है। लेकिन अंततः बांग्लादेश पाकिस्तान से अलग होकर एक नया देश बन जाता है। सहमत इसका खुलासा करती है और उसे इस बात का बहुत पछतावा रहता है। जबकि असलियत में उसके लिए देश से बढ़ कर कुछ नहीं था। सहमत ने खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के दौरान पाकिस्तानी सेना में भर्ती अपने पति को जान से मार दिया था। इसके कुछ ही समय बाद वह जानकारी लेकर भारत वापस आ गई थी। 

फिल्म में ऐसा दिखाया गया है कि अपने पति को मारने के बाद वह काफी दुखी हो जाती है। लेकिन हरिंदर सिक्का ने बताया कि फिल्म की असल नायिका (किताब वाली) को भारत लौटने या पति को मारने का ज़रा भी दुःख नहीं था। लेकिन निर्देशक मेघना गुलज़ार ने पाकिस्तानी दर्शकों को रिझाने के लिए फिल्म का “नैरेटिव” ही बदल दिया।

पिछले कुछ समय में नेपोटिज़्म और बॉलीवुड माफिया पर बहस शुरू हुई है। इसी पर हरिंदर सिक्का ने अपना नज़रिया रखा। उन्होंने यह भी बताया आखिर कैसे बॉलीवुड की मशहूर हस्तियाँ गुटबाजी करती हैं। हरिंदर सिक्का ने राज़ी की निर्देशक पर सारा श्रेय लेने का आरोप लगाया। साथ ही यह भी कहा कि ऐसे लोग नहीं चाहते हैं कि किसी बाहरी को पुरस्कार मिले।   

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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