Homeदेश-समाजताहिर हुसैन को ED ने किया गिरफ्तार, CAA विरोध प्रदर्शनों की फंडिग से जुड़ा...

ताहिर हुसैन को ED ने किया गिरफ्तार, CAA विरोध प्रदर्शनों की फंडिग से जुड़ा है मामला

ईडी के बयान के मुताबिक, हुसैन के आवास और कार्यालयों पर 23 जून 2020 को छापेमारी की गई था, जहाँ से कई डॉक्यूमेंट्स और फर्जी बिल मिले। बताया जा रहा है कि इनका इस्तेमाल पैसे ट्रांसफर करने के लिए किया गया।

आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज (अगस्त 31, 2020) गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी PMLA 2002 के प्रावधानों के तहत हुई है। ईडी ने कड़कड़डूमा कोर्ट से ताहिर हुसैन का 6 दिनों का कस्टोडियल रिमांड हासिल किया है।  

ईडी की तरफ से कहा गया है कि ताहिर हुसैन को मनी लॉन्ड्रिंग में उसकी भूमिका और सीएए विरोधी प्रदर्शन की फंडिंग और इस साल फरवरी में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुए दंगों के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

यह जाँच दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच और दयालपुर पुलिस थाने में दायर विभिन्न एफआईआर पर होगी, जिनमें ताहिर के ख़िलाफ़ आईपीसी धारा 302, 385, 307 & 120 के तहत मामला दर्ज है।

पीएमएलए के तहत हुई जाँच में यह पाया गया है कि ताहिर हुसैन व उसके रिश्तेदारों की कंपनियों में काफी पैसों को हेरफेर हुआ। उन्होंने संदिग्ध संस्थाओं को पैसा भेजा, जिसके बदले उन्हें कैश मिला और इस कैश से ही विरोध प्रदर्शनों और दिल्ली दंगों को फंड किया गया। जाँच में यह भी पता चला कि ताहिर हुसैन और उसके साथी पहले भी अवैध तरीके से धनशोधन करते रहे हैं।

ईडी के बयान के मुताबिक, हुसैन के आवास और कार्यालयों पर 23 जून 2020 को छापेमारी की गई था, जहाँ से कई डॉक्यूमेंट्स और फर्जी बिल मिले। बताया जा रहा है कि इनका इस्तेमाल पैसे ट्रांसफर करने के लिए किया गया।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ईडी अधिकारियों ने ताहिर से तिहाड़ जेल में पूछताछ की थी। उस समय वह दिल्ली पुलिस की हिरासत में था। बाद में उसकी गिरफ्तारी पीएमएलए के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के लिए हुई और आज उसे ईडी ने कस्टोडिल रिमांड पर लिया है।

रिमांड से पहले एजेंसी ने दिल्ली दंगों और तबलीगी जमात मामले में पूछताछ के लिए ताहिर को तिहाड़ जेल से बुलाया था। ईडी के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, ताहिर को पूछताछ के लिए तिहाड़ जेल से दक्षिणी दिल्ली के खान मार्केट इलाके में ईडी के मुख्यालय लाया गया था।

अधिकारियों ने पहले ही जानकारी दी थी कि ताहिर से दिल्ली दंगों के लिए फंडिंग के बारे में भी पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा यह भी बताया था कि ताहिर से यह भी पूछताछ की जा रही है कि दंगों के लिए धन इकट्ठा करने के लिए वह किस हवाला संचालक के संपर्क में था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -