Homeवीडियोनितीश के विकल्प और भी बेकार हैं: बिहार चुनाव | Bihar Elections: Nitish bad,...

नितीश के विकल्प और भी बेकार हैं: बिहार चुनाव | Bihar Elections: Nitish bad, others worse

बिहार चुनावों से पहले ऑपइंडिया लगातार प्रदेश के कोने-कोने जाकर आप तक स्थानीय लोगों के मूड की सच्चाई को जस का तस पहुँचाने का काम कर रहा है। इसी चुनावी यात्रा में हमने शिवहर विधानसभा क्षेत्र के अम्बाकाला महुआवा गाँव में भी स्थानीय लोगों से बात की है।

बिहार चुनावों से पहले ऑपइंडिया लगातार प्रदेश के कोने-कोने जाकर आप तक स्थानीय लोगों के मूड की सच्चाई को जस का तस पहुँचाने का काम कर रहा है। इसी चुनावी यात्रा में हमने शिवहर विधानसभा क्षेत्र के अम्बाकाला महुआवा गाँव में भी स्थानीय लोगों से बात की है।

इस ग्राम में चूँकि आबादी मिश्रित है इसलिए मत बेहद बँटे हुए हैं। कुछ लोगों का साफ कहना है कि नितिश कुमार खास अच्छे नहीं है लेकिन उनके विकल्प उससे भी ज्यादा खराब हैं। यहाँ आने का कारण यह भी है कि जदयू पार्टी के वर्तमान विधायक व एक बार फिर से पार्टी के प्रत्याशी इसी गाँव के हैं। इसके अलावा पप्पू यादव की पार्टी के प्रत्याशी भी इसी गाँव से हैं।

पूरी वीडियो इस लिंक पर क्लिक करके देखें।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत झा
अजीत झा
संपादक, ऑपइंडिया (हिंदी)

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -