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ईशनिंदा पर पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने कुछ ‘ज्ञान’ दिया, UN Watch ने लगाई लताड़

“आप (पाकिस्तान) हिम्मत मत करिएगा खुद को मुस्लिमों का रक्षक बताने की क्योंकि पाकिस्तान की सरकार उईगर के साथ कैम्प में हो रहे जानवरों जैसे बर्ताव पर चीनी सरकार की सराहना करती है।”

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के रवैये और नज़रिए को लेकर अक्सर सार्वजनिक मंचों पर सवाल खड़े किए जाते हैं। चाहे वह पाकिस्तान के आंतरिक राजनीतिक और रक्षा संबंधी उतार-चढ़ाव हों या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि। ताज़ा मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के नज़रिए पर प्रश्न खड़े किए गए, जब उन्होंने ईशनिंदा को लेकर टिप्पणी की। टिप्पणी का स्वरूप कुछ ऐसा था, जिसकी बड़े पैमाने पर आलोचना हुई। 

पाकिस्तानी सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक बयान साझा किया गया। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का था। ईशनिंदा पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा था, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में ईशनिंदा अस्वीकार्य और असहनीय है।” ट्विटर पर पाकिस्तानी सरकार की तरफ से की गई इमरान खान की टिप्पणी को लेकर काफी प्रतिक्रिया आई। 

इसी बीच यूएन वॉच (UN Watch) ने भी इसका जवाब दिया। यूएन वॉच ने साफ़ शब्दों में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (U.N. Human Rights Council) में पाकिस्तान की मौजूदगी को ही असहनीय बता दिया। यूएन वॉच ने अपने ट्वीट में लिखा, “संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में आपकी (पाकिस्तान) की मौजूदगी ही असहनीय है।” यानी यूएन वॉच ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की साफ़ शब्दों में आलोचना की। 

दरअसल यूएन वॉच संयुक्त राष्ट्र का इकलौता मान्यता प्राप्त गैर सरकारी समूह (NGO) है, जो मानवाधिकार से संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर निगरानी रखता है, मानवाधिकारों की रक्षा करता है और तानाशाही सरकारों का सामना करता है। यूएन वॉच ने इसके बाद चीन में उईगर समुदाय से जुड़े लोगों पर हो रहे अत्याचार पर पाकिस्तान के द्विआयामी रवैये की आलोचना करते हुए ट्वीट किया। 

इस ट्वीट में यूएन वॉच ने लिखा, “आप (पाकिस्तान) हिम्मत मत करिएगा खुद को मुस्लिमों का रक्षक बताने की क्योंकि पाकिस्तान की सरकार उईगर के साथ कैम्प में हो रहे जानवरों जैसे बर्ताव पर चीनी सरकार की सराहना करती है।” यूएन वॉच की तरफ से यह प्रतिक्रिया तब आई, जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के फोकल पर्सन (डिजिटल मीडिया प्रवक्ता) अर्सलान खालिद ने इस यूएन वॉच पर टिप्पणी की थी।          

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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