Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयफाइजर की वैक्सीन लेने वाले नर्स को छः दिन बाद हो गया कोरोना!

फाइजर की वैक्सीन लेने वाले नर्स को छः दिन बाद हो गया कोरोना!

वैक्सीन लेने के 06 दिन बाद, क्रिसमस के पहले, वह एक COVID -19 यूनिट की शिफ्ट में काम करने के बाद बीमार हो गए। उन्होंने बताया कि उन्हें ठंड लगी और बाद में माँसपेशियों में दर्द और थकान का एहसास हुआ।

फाइजर की कोरोना वायरस वैक्सीन लेने के एक सप्ताह से अधिक समय बाद कैलिफोर्निया में 45 वर्षीय नर्स कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। मैथ्यू डब्ल्यू नाम का यह नर्स, जो दो अलग-अलग स्थानीय अस्पतालों में काम करती हैं, ने 18 दिसंबर को एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि उन्होंने फाइजर वैक्सीन (Pfizer vaccine) ली है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के एक दिन बाद तक उन्हें अपने हाथ में समस्या आई लेकिन इसके अलावा उन्हें कोई और नुकसान नहीं हुआ।

रिपोर्ट्स के अनुसार, टीकाकरण के 06 दिन बाद, क्रिसमस के पहले, वह एक COVID -19 यूनिट की शिफ्ट में काम करने के बाद बीमार हो गए। उन्होंने बताया कि उन्हें ठंड लगी और बाद में माँसपेशियों में दर्द और थकान का एहसास हुआ।

बताया जा रहा है कि वह क्रिसमस के एक दिन बाद अस्पताल में अपना परीक्षण करवाने गए, और उन्हें अपने कोरोना संक्रमित होने का पता चला। सैन डिएगो के पारिवारिक स्वास्थ्य केंद्रों के एक संक्रामक रोग विशेषज्ञ क्रिश्चियन रेमर्स ने ‘एबीसी न्यूज’ को बताया कि उन्हें ऐसी सम्भावना की भी उम्मीद थी। उनके अनुसार, “हमें लगता है कि पहली खुराक आपको लगभग 50% इम्यूनिटी देती है, और आपको 95% तक सुरक्षा पाने के लिए दूसरी खुराक की आवश्यकता होती है।”

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर तमाम देश आशान्वित हैं और सभी देश अपने नागरिकों तक इसे पहुँचाने की तैयारियाँ भी कर रहे हैं। इसी बीच यूरोप के कई देशों में कोरोना वायरस के नए और तुलनात्मक रूप से कहीं अधिक संक्रामक बताए जा स्ट्रेन के पाए जाने की बात सामने आई हैं। यह वायरस का वही प्रकार है, जिसकी पहचान सर्वप्रथम ब्रिटेन में हुई थी।

ब्रिटेन के बाद, स्पेन, स्वीडन और स्विटज़रलैंड ने भी कहा है कि ब्रिटेन की यात्रा से लौटकर आए उसके नागरिकों में कोरोना वायरस के इस नए प्रकार के संक्रमण की पुष्टि हुई है।

भारत में भी कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के संक्रमण के मामले सामने आए हैं। शुरुआत में यह संख्या 06 थी, जो अब बढ़कर 20 हो चुकी है। हालाँकि, एक सकारात्मक बात जो सामने आ रही है वह ये कि देश में कोरोना वायरस के आँकड़े कम होते नज़र आ रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘प्रतिरोध की राजनीति’ से ‘सड़क की लोकतांत्रिक राजनीति’ तक: योगेंद्र यादव, ये भीड़-तंत्र को सामान्यीकृत करने की खतरनाक कोशिश

क्या योगेंद्र यादव की 'प्रतिरोध की राजनीति' लोकतांत्रिक विरोध है या भीड़तंत्र को वैधता देने की कोशिश?क्या सड़क को संसद से ऊपर रखने की तैयारी?

राहुल गाँधी का ‘पुलिस भी सरकार हटाना चाहती है’ दावा: क्या संस्थानों में अविश्वास फैलाकर रची जा रही है ‘सत्ता परिवर्तन’ की साजिश?

राहुल गाँधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने उनसे कहा, "इनको हटाइए।" जानिए इस दावे, तथ्य और संस्थानों में अविश्वास फैलाने के आरोपों की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -