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ओडिशा: मंदिर की मूर्तियाँ तोड़ीं, छत्र भी चोरी.. मिशनरी गतिविधियों के लिए जाना जाता है आंध्र की सीमा से लगा ये गाँव

कुछ मूर्तियों को तोड़ दिया गया, किसी को कमर के हिस्से से ही क्षतिग्रस्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मंदिर से भगवान जगन्नाथ का एक छत्र भी चोरी किया गया।

शनिवार (जनवरी 02, 2021) देर रात ओडिशा के एक मंदिर में देवी सरस्वती, लक्ष्मी की मूर्तियों को कथित तौर पर कुछ अज्ञात उपद्रवियों द्वारा तोड़ दिया गया। यह घटना ओडिशा के दक्षिणी हिस्से में आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे रायगढ़ जिला स्थित हुकुमटोला गाँव की है। दावा किया जा रहा है कि यह इलाका मिशनरी गतिविधियों के लिए मशहूर है।

खबरों के मुताबिक, भगवान रामेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी को अगले दिन, रविवार सुबह इस मंदिर के दरवाजे खुले मिले। उन्होंने जब मंदिर में प्रवेश किया उन्होंने मंदिर के वास्तुशिल्प और मूर्तियों के टुकड़े मंदिर परिसर में पाए। इसके बाद पुजारी ने मंदिर प्रबंधन समिति को इस घटना की जानकारी दी। मंदिर प्रबंधन समिति ने यह भी आरोप लगाया है कि मूर्तियाँ तोड़ने वाले उपद्रवियों ने भगवान जगन्नाथ के गहने भी चोरी कर लिए।

इसके बाद, मंदिर प्रबंधन समिति ने इस संबंध में मुनिगुड़ा पुलिस स्टेशन में इस सम्बन्ध में एक लिखित शिकायत दर्ज की। स्थानीय निवासियों और मंदिर प्रबंधन ने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। बताया जा रहा है कि कुछ शरारती तत्वों ने रामेश्वर शैवपीठ के देवता की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। मंदिर में देवी सरस्वती, महालक्ष्मी और वृंदावती की भी मूर्तियाँ हैं उन्हें भी खंडित कर दिया गया है।

कुछ मूर्तियों को तोड़ दिया गया, किसी को कमर के हिस्से से ही क्षतिग्रस्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मंदिर से भगवान जगन्नाथ का एक छत्र भी चोरी किया गया। जिसके बाद मंदिर प्रबंधन
समिति के सचिव पुरुषोत्तम जेना ने इसकी शिकायत मुनिगुड़ा थाने में की। हालाँकि, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि रविवार शाम तक भी कथित तौर पर मंदिर परिसर का निरीक्षण नहीं किया गया था।

सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा सकता है। कुछ ट्विटर यूजर्स ने इसमें मिशनरी लोगों का हाथ होने की सम्भावना भी जताई हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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