Homeविविध विषयअन्यEVM के बारे में झूठ फैलाने और नकली शिकायत पर होगी जेल, केरल में...

EVM के बारे में झूठ फैलाने और नकली शिकायत पर होगी जेल, केरल में हुआ एक अरेस्ट

राजनीतिक दलों द्वारा ईवीएम पर सवाल उठाना शुरू हो गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि गोवा में दोषपूर्ण ईवीएम सभी वोट्स भाजपा को ही ट्रांसफर कर रहे हैं।

केरल के तिरुवनंतपुरम में एक युवक को गिरफ़्तार कर लिया गया है। उसने यहाँ एक बूथ पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन ख़राब होने की शिकायत की थी लेकिन जाँच में उसकी शिकायत झूठी पाई गई। पुलिस के अनुसार, बिन बाबू नामक व्यक्ति पर धारा 177 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जब उसने इवीएम में गड़बड़ी को लेकर शिकायत की थी, तब निर्वाचन अधिकारियों ने ‘टेस्ट वोटिंग’ की। टेस्ट वोटिंग में उक्त युवक द्वारा कही गई बातें झूठ निकलीं और अंततः उसे गिरफ़्तार कर लिया गया। हालाँकि, बाद में उसे ज़मानत पर रिहा भी कर दिया गया।

उक्त युवक ने शिकायत की थी कि उसने एक विशेष उम्मीदवार को वोट दिया था लेकिन वीवीपैट में किसी अन्य उम्मीदवार को वोट जाता हुआ दिखा। इसके बाद पीठासीन अधिकारियों व पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में एक ‘टेस्ट वोटिंग’ आयोजित किया गया। इसमें युवक के आरोप सरासर झूठे पाए गए। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा कि ईवीएम को लेकर बढ़ रहे अफवाहों के मद्देनज़र उक्त युवक को पुलिस को सौंप दिया गया। क्षेत्र के सांसद शशि थरूर ने भी ईवीएम में गड़बड़ियाँ होने की बातें कही थीं।

केरल में कल तीसरे चरण के तहत मतदान हुआ, जिसमें शशि थरूर और राहुल गाँधी की सीटें भी शामिल हैं। राज्य की सभी 20 लोकसभा सीटों पर मंगलवार (अप्रैल 24, 2019) को मतदान संपन्न करा लिया गया। राहुल गाँधी इस बार अमेठी के अलावा वायनाड सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर 2014 में 73% वोटिंग हुई थी लेकिन 2019 में कल 79% मतदान हुआ। 6 बजे शाम तक पूरे केरल में 69% लोगों ने अपना मताधिकार का प्रयोग कर लिया था।

इस बीच राजनीतिक दलों द्वारा ईवीएम पर सवाल उठाना शुरू हो गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि गोवा में दोषपूर्ण ईवीएम सभी वोट्स भाजपा को ही ट्रांसफर कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये इस तरह से प्रोग्राम किए गए भी हो सकते हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तो चुनाव आयोग को ही भाजपा की शाखा बता दिया। उन्होंने कहा कि असंवेदनशील, अवास्तविक, गैरजिम्मेदार और बेकार चुनाव आयोग ने लोकतंत्र का मज़ाक बना कर रख दिया है। उन्होंने राज्य में 4500 ईवीएम ख़राब होने की बात कही।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -