Homeदेश-समाजअल्लाह के लिए 6 साल के बेटे की कुर्बानी: पैर बाँध कर मदरसा टीचर...

अल्लाह के लिए 6 साल के बेटे की कुर्बानी: पैर बाँध कर मदरसा टीचर माँ ने रेत डाला गला, कमरे में सोए रहे पिता और 2 बच्चे

3 महीने की गर्भवती शाहिदा बीच रात में अल्लाह को खुश करने के लिए अपने छोटे बेटे का पैर बाँधती है और गला रेत देती है। कमरे में पति सुलेमान और उसके दो अन्य बच्चे सोते रहते हैं... इस हत्या से बेखबर।

केरल के पलक्कड जिले की यह खबर पुलिस के लिए भी चौंकाने वाली थी। क्योंकि अपराध करने वाली कोई आम महिला नहीं थी बल्कि एक माँ थी। जिसकी हत्या हुई, वो कोई आम बच्चा नहीं था, बल्कि उसका खुद का बेटा था। लेकिन इससे भी ज्यादा खौफनाक था हत्या का कारण – अल्लाह को खुश करने के लिए बेटे की गर्दन रेत कर कुर्बानी देना।

7 फरवरी 2021 की रात को 3-4 बजे के बीच पुलिस को इस अपराध से संबंधित कॉल गई। कॉल करने वाली कोई और नहीं बल्कि खुद वो माँ थी, जिसने अपने 6 साल के बेटे की कुर्बानी दी।

30 साल की शाहिदा ने फोन पर पुलिस को बताया कि उसने अपने 6 साल के बेटे आमिल की हत्या अल्लाह के लिए कुर्बानी के तौर पर की है। जिस मोबाइल से कॉल की गई थी, उसका लोकेशन ट्रेस करते-करते जब केरल पुलिस की टीम उसके घर पर पहुँची, तो शाहिदा गेट पर उनका इंतजार कर रही थी।

हाथ और शरीर के अन्य जगहों पर खून के निशान देख कर पुलिस जल्दी से घर में घुसी लेकिन देर तो हो ही चुकी थी। बाथरूम में 6 साल के आमिल का पैर बंधा हुआ था, गर्दन रेता हुआ था। जबकि बेडरूम में शाहिदा का पति सुलेमान और उसके दो अन्य बच्चे सो रहे थे… इस हत्या से बिल्कुल अनजान।

अपने ही बेटे की कातिल शाहिदा मदरसे में टीचर है। वो 3 महीने की गर्भवती भी है। उसका पति सुलेमान पहले खाड़ी के देशों में काम करते था। अब लॉकडाउन के दौरान वो पलक्कड में ही ऑटो-रिक्शा ड्राइवर का काम करता है। इनके 2 और बच्चे 11 साल व 8 साल के हैं, जो हत्या की रात अपने पिता के साथ कमरे में बेखबर सोए हुए थे।

पलक्कड की पुलिस के अनुसार इस मामले की जाँच की जा रही है। हत्या के अलावा मनोवैज्ञानिक कारणों की भी जाँच की जाएगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -