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खालिस्तानी झंडा फहराने के लिए उकसाया था, कहा था हिंसा-तोड़फोड़ करने को: सुखदेव सिंह ने पूछताछ में किए कई खुलासे

"अगर तोड़फोड़ नहीं होगी तो सरकार झुकेगी कैसे?" - 'किसान नेता' सुखदेव सिंह ने कबूल किया है कि उसने दंगाइयों को जम कर तोड़फोड़, हिंसा और खालिस्तानी झंडा फहराने के लिए उकसाया था।

दिल्ली में ‘किसान आंदोलन’ के अंतर्गत आयोजित ट्रैक्टर रैली में गणतंत्र दिवस (जनवरी 26, 2021) के दिन जम कर हिंसा हुई थी, जिसमें 500 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। अब गिरफ्तार ‘किसान नेता’ सुखदेव सिंह ने कबूल किया है कि उसने जुगराज को लाल किला पर खालिस्तानी झंडा फहराने को कहा था। लाल किले में ही वो पहली बार दीप सिद्धू और जुगराज से मिला था। सेवादार के रूप में काम करने वाले जुगराज को पोल पर चढ़ कर झंडा फहराने का पुराना अभ्यास था।

50 हजार रुपए के इनामी सुखदेव सिंह ने ये खुलासे किए हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बताया कि करनाल निवासी 65 वर्षीय सुखदेव सिंह सिंघु सीमा पर ही छिपा हुआ था। उसने चक्का जाम आंदोलन में भी हिस्सा लिया। पुलिस को उसकी लोकेशन सिंघु सीमा से ही मिल रही थी। कुरुक्षेत्र के पास स्थित पीपली गाँव में उसकी बेटी का ससुराल है। इसके बाद वो चंडीगढ़ पहुँचा और अपने वकील से मुलाकात की।

‘अमर उजाला’ की खबर के अनुसार, वो चंडीगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर ये आरोप लगाना चाहता था कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसानों का बिजली-पानी कनेक्शन काट दिया गया है। लेकिन, हाईकोर्ट पहुँचने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र, सेक्टर-तीन, चंडीगढ़ में रेडलाइट से उसे पकड़ लिया। लाल किले पर उसने एक बड़ी भीड़ का नेतृत्व किया था और लोगों को उकसाया भी था।

उसने कहा था कि अगर तोड़फोड़ नहीं होगी तो सरकार झुकेगी कैसे? उसने दंगाइयों को जम कर तोड़फोड़, हिंसा और खालिस्तानी झंडा फहराने के लिए उकसाया था। पूछताछ में भी उसने इन आरोपों को स्वीकार किया है। तरनतारन निवासी जुगराज वहाँ के 5 गुरुद्वारों का सेवादार है। अपराध शाखा की चाणक्यपुरी में स्थित इंटरस्टेट सेल (आईएससी) में तैनात इंस्पेक्टर नीरज चौधरी ने सुखदेव सिंह को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया।

सुखदेव सिंह और दीप सिद्धू की गिरफ्तारी के साथ ही गणतंत्र दिवस की हिंसा में गिरफ्तारी की कुल संख्या 128 तक पहुँच गई थी। इससे पहले दिल्ली हिंसा के मामले में पुलिस ने हरप्रीत सिंह (32), हरजीत सिंह (48) और धर्मेद्र सिंह (55) नामक तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिग और अन्य तकनीकों का प्रयोग करते हुए पुलिस हिंसा में शामिल अन्य आरोपितों का पता लगा रही है।

128वीं गिरफ़्तारी दीप सिद्धू की हुई। उस पर पुलिस ने 1 लाख रुपए का इनाम भी रखा हुआ था। दीप सिद्धू को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद ‘किसान आंदोलन’ में हुई हिंसा को लेकर कई राज खुलने की संभावना जताई जा रही है। पता चला था कि पंजाबी एक्टर जो भी वीडियो फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करता है, उसके पीछे सिद्धू की एक बेहद करीबी महिला मित्र है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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