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बजट आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की भावना के अनुरूप, इसके हृदय में गाँव, गरीब, किसान, महिलाएँ, युवा: योगी आदित्यनाथ

"इस बार का बजट 5,50,270.78 करोड़ रुपए का है, ये 2020-21 के बजट से 7.3% अधिक है। उत्तर प्रदेश के बजट के हृदय में गाँव, गरीब, किसान, महिलाएँ और युवा हैं। राज्य का वर्तमान बजट ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ की भावना के अनुरूप है।"

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश किया। पूरे राज्य में विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपए की धनराशि प्रस्तावित की गई है। प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जाने वाली जनहित योजनाओं का फ़ायदा हर वर्ग तक पहुँचाने के लिए 27 हज़ार 598 करोड़ 40 लाख रुपए की विकास योजनाओं को शामिल किया गया है। इस बजट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रतिक्रिया दी है। 

मुख्यमंत्री योगी ने पहले पेपरलेस बजट को लोक कल्याणकारी, समावेशी और विकासोन्मुखी बताया है। उनके मुताबिक़, “देश किसी भी राज्य के पहले पेपरलेस बजट के लिए मंत्री सुरेश खन्ना और उनकी टीम को बधाई देता हूँ। हर घर को नल, बिजली, हर गाँव को सड़क व डिजिटल बनाने व खेत को पानी और हर हाथ को काम देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस बजट में उत्तर प्रदेश के नवनिर्माण की सोच निहित है। यह बजट हर वर्ग के लिए कल्याणकारी साबित होगा। इस बजट के लिए प्रदेश वासियों को बधाई देता हूँ।”      

इसके बाद मुख्यमंत्री ने बजट से जुड़े कई अन्य पहलुओं पर अपनी बात कही: 

  • वित्तीय बजट 2021-22 ‘सबका साथ- सबका विकास’ की उत्कृष्ट लोकतांत्रिक भावना से परिपूर्ण है। 
  • यह बजट प्रदेश के तीव्र, धारणीय एवं सर्वसमावेशी विकास मार्ग में मील का पत्थर साबित होगा। 
  • इस बार का बजट 5,50,270.78 करोड़ रुपए का है, ये 2020-21 के बजट से 7.3% अधिक है। 
  • उत्तर प्रदेश के बजट के हृदय में गाँव, गरीब, किसान, महिलाएँ और युवा हैं। 
  • राज्य का वर्तमान बजट ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ की भावना के अनुरूप है। 
  • इस बजट में हर घर नल, हर गाँव सड़क, हर गाँव डिजिटल, हर खेत को पानी, हर युवा को रोज़गार और हर जुल्मी को जेल का संकल्प छुपा हुआ है। 
  • ये बजट प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने तथा हर नागरिक को सशक्त बनाने का संकल्प लेकर आया है। 
  • वैश्विक महामारी कोरोना की त्रासदी के बीच यह बजट आशा, ऊर्जा और उत्तर प्रदेश की नई सम्भावनाओं को नई उड़ान देगा।

वित्तीय बजट 2021- 22 में कितना कुछ है ख़ास

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। वित्तीय बजट 2021-22 में विधान मंडल क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए मंडल क्षेत्र विकास निधि हेतु ₹2,000 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुँचाने के लिए वित्तीय वर्ष 27 हजार 598 करोड़ 40 लाख रुपए की नई विकास योजनाओं को सम्मिलित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2021-22 से ‘आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना’ संचालित की जाएगी। इस योजना के क्रियान्वयन हेतु ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के किसानों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई ‘मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना’ के अंतर्गत ₹600 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है। किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ₹700 करोड़ का प्रावधान किया गया है। किसानों को रियायती दरों पर फसली ऋण उपलब्ध कराए जाने के लिए अनुदान हेतु ₹400 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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