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जीटीबी अस्पताल से फरार हुआ कुख्यात गैंगस्टर कुलदीप मान उर्फ ​​फैजा पुलिस एनकाउंटर में मारा गया, छिपाने वाला गिरफ्तार

'दिन भर उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के बाद शनिवार दोपहर 1:45 बजे पूरे इलाके की घेराबंदी करने के बाद इंस्पेक्टर सुनील राजन और रविंदर जोशी के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने उस पर छापा मार दिया। पुलिस ने उससे आत्मसमर्पण करने को कहा लेकिन, खुद को घिरा पाकर उसने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में वह ढेर हो गया।"

दो लाख रुपए के ईनामी गैंगस्टर कुलदीप मान उर्फ फैजा को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। वह गुरुवार को राजधानी के जीटीबी अस्पताल में हुई गोली-बारी के बाद मौके से फरार हो गया था। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस उसकी तलाश में लगी थी कि स्पेशल सेल को उसके रोहिणी सेक्टर-14 के तुलसी अपार्टमेंट छिपे होने की खबर मिली।

‘दिन भर उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के बाद शनिवार दोपहर 1:45 बजे पूरे इलाके की घेराबंदी करने के बाद इंस्पेक्टर सुनील राजन और रविंदर जोशी के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने उस पर छापा मार दिया। पुलिस ने उससे आत्मसमर्पण करने को कहा लेकिन, खुद को घिरा पाकर उसने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में वह ढेर हो गया। उसे छुपाने वाले को भी पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया है।’

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक गैंगस्टर कुलदीप मान पुलिस की गोली से घायल हो गया था, जिसके बाद उसे अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जीटीबी अस्पताल से कैसे फरार हुआ था फैजा

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक फैजा जेल में बंद गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ ​​गोगी का करीबी था। गुरुवार को उसे इलाज के लिए जीटीबी अस्पताल लाया गया था। लेकिन, जैसे ही पुलिस टीम उसे लेकर अस्पताल पहुँची लगभग 10 हथियारबंद हमलावरों ने हमला किया। उन्होंने पुलिस टीम पर मिर्च पाउडर फेंका। दोनों तरफ से 20 राउंड फायर भी किए गए। अधिकारियों के मुताबिक इस गोलीबारी में हमलावरों में से एक अंकेश को पीठ में गोली लगी और वह गिर गया जबकि एक अन्य आरोपी रवि को सीने में दो गोली लगी और उसकी मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ दिनों पहले ही पुलिस को सूचना मिली थी गैंगस्टर काला राणा ने बैंकॉक में किसी प्रियव्रत से संपर्क कर उसे व्यक्तिगत तौर पर फैजा की मदद करने को कहा था। लेकिन, बीते 6 मार्च तो दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने प्रियव्रत को बवाना में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक की हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद काला राणा ने अंकेश से बातकर उसे फैजा की मदद करने के लिए कहा था, जब वह अस्पताल पहुँचे। पुलिस के मुताबिक, बुधवार को अंकेश सरस्वती विहार के एक होटल में रुका और गुरुवार को मुकरबा चौक से उसने अपने दो साथियों को साथ लिया और अस्पताल पहुँचा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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