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Remdesivir इंजेक्शन के निर्यात पर केंद्र सरकार ने लगाई रोक, ब्लैक मार्केटिंग पर होगी कड़ी कार्रवाई

केंद्र सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन और रेमडेसिविर ऐक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट्स (API) के निर्यात को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया है। मरीजों को रेमडेसिविर की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने...

केंद्र सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन और उससे जुड़े सभी प्रकार के इनग्रेडिएंट्स के निर्यात पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच सरकार ने यह निर्णय लिया है कि जब तक देश में कोविड-19 की स्थिति नहीं सुधरती है, तब तक रेमडेसिविर के निर्यात पर रोक लगी रहेगी।

देश में बढ़ते कोरोनावायरस के संक्रमण के बीच केंद्र सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन और रेमडेसिविर ऐक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट्स (API) के निर्यात को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया है। इसके अलावा मरीजों को रेमडेसिविर की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी सरकार महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। रेमडेसिविर का उपयोग कोविड-19 के ईलाज में होता है।

सरकार ने रेमडेसिविर के सभी स्थानीय निर्माताओं को आदेशित किया है कि वे अपनी वेबसाइट पर स्टॉकिस्ट और वितरकों की पूरी जानकारी प्रदान करें, जिससे रेमडेसिविर की आपूर्ति सहज और सरल हो सके। इसके अलावा ड्रग इंस्पेक्टर्स को रेमडेसिविर की ब्लैक मार्केटिंग को रोकने और उसके अवैध संग्रहण पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

सरकार ने फार्मास्युटिकल विभाग को निर्माताओं के साथ विचार-विमर्श करके रेमडेसिविर के उत्पादन को तेज करने के लिए निर्देशित किया है क्योंकि आगामी समय में रेमडेसिविर की माँग तेजी से बढ़ने की संभावना है।

आईएमए के अध्यक्ष ने किया निर्णय का स्वागत

सरकार द्वारा रेमडेसिविर के निर्यात पर रोक लगाने के निर्णय का स्वागत करते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जयलाल ने कहा कि वह सही समय पर लिए गए सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वायरस की पहली वेव के बाद भी रेमडेसिविर की ब्लैक मार्केटिंग होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर के सकारात्मक परिणाम मिले हैं और वह सरकार से यह अनुरोध करते हैं कि रेमडेसिविर से जुड़े सुधारों को सबसे निचले स्तर पर भी लागू किया जाए।

भारत में वर्तमान में सात ऐसी कंपनियाँ हैं, जो रेमडेसिविर इंजेक्शन का निर्माण कर रही हैं। रेमडेसिविर इंजेक्शन के उत्पादन के लिए इन कंपनियों का अमेरिका की Gilead Sciences के साथ अग्रीमन्ट है। इन कंपनियों की उत्पादन क्षमता फिलहाल 33.80 लाख इंजेक्शन प्रति महीने की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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