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कोविड से निधन के बाद सभी पार्थिव शरीर की नि:शुल्क अंत्येष्टि कराएगी योगी सरकार, नगरीय निकाय उठाएँगे खर्च

शवदाह गृह, कब्रिस्तान और श्मशान में संक्रमित मरीज के शव के अंतिम संस्कार का खर्च नगरीय निकाय उठाएँगे। यह आदेश नगर निगम सीमा के अंतर्गत लागू होगा। इसके साथ यह भी आदेश दिया गया है कि अंतिम संस्कार के दौरान Covid-19 प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया जाएगा।

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच उत्तर प्रदेश सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि संक्रमण से निपटने के लिए यथा संभव प्रयास किए जाएँ एवं इससे संबंधित सभी पहलुओं पर कानून के अनुसार ही कार्य संचालन हो।

इसी क्रम में यूपी शासन ने यह निर्णय लिया है कि नगरीय निकाय की सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में संक्रमण के कारण हुई मौतों की दशा में शवों का अंतिम संस्कार निःशुल्क होगा और इसके लिए आवश्यक खर्च नगरीय निकाय द्वारा मुहैया कराया जाएगा।

07 मई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Covid-19 प्रबंधन के लिए गठित टीम-9 को निर्देशित किया कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई मौतों पर शव के दाह संस्कार के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस पर यूपी शासन के नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने आदेश जारी करते हुए कहा कि शवदाह गृह, कब्रिस्तान और श्मशान में संक्रमित मरीज के शव के अंतिम संस्कार का खर्च नगरीय निकाय उठाएँगे। यह आदेश नगर निगम सीमा के अंतर्गत लागू होगा। इसके साथ यह भी आदेश दिया गया है कि अंतिम संस्कार के दौरान Covid-19 प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया जाएगा।

अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह द्वारा जारी किए गए आदेश की कॉपी

जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम-1959 की धारा-114 (20) और नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा-7 (जी) में की गई व्यवस्था के अनुसार, नगरीय निकाय की सीमा के अंतर्गत मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए अंत्येष्टि स्थलों, कब्रिस्तानों और शवदाह गृहों की व्यवस्था करना नगरीय निकायों का मूल कर्तव्य है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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