Homeराजनीतिसपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के खिलाफ चलेगा राजद्रोह का मामला, तालिबान से की थी...

सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के खिलाफ चलेगा राजद्रोह का मामला, तालिबान से की थी स्वतंत्रता सेनानियों की तुलना

यूपी के उप-मुख्यमंत्री केशवा प्रसार मौर्य ने कहा कि अगर कोई ऐसा बयान देता है तो फिर उसमें और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान में अंतर नहीं है।

समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने तालिबान की तुलना भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों से की थी। अब उनके खिलाफ इस बयान के लिए यूपी पुलिस ने FIR दर्ज की है। उनके अलावा दो अन्य लोगों ने भी इन्हीं बातों को दोहराया था, इसीलिए उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश के संभल जिले के एसपी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-124A (राजद्रोह) के तहत FIR हुई है।

साथ ही उनके खिलाफ IPC की धाराएँ 153A (लिखित या मौखिक रूप से ऎसा बयान देना जिससे साम्प्रदायिक दंगा या तनाव फैलता है या समुदायों के बीच शत्रुता पनपती हो) और 295 (किसी धर्म का अपमान) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। भाजपे ने इस बयान का विरोध करते हुए कहा कि सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने देश के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने वालों का अपमान किया है।

पार्टी ने कहा कि ये बयान इनकी मानसिकता दर्शाता है और इस अपमानजनक टिप्पणी के लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए। यूपी के उप-मुख्यमंत्री केशवा प्रसार मौर्या ने कहा कि अगर कोई ऐसा बयान देता है तो फिर उसमें और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान में अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा में कुछ भी हो सकता है। बता दें कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वहाँ भगदड़ की स्थिति है।

शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा था, ” तालिबान एक ऐसी ताकत है, जिसने रूस और अमेरिका जैसे शक्तिशाली देशों को भी अपने देश पर कब्जा नहीं करने दिया। अब तालिबान अपने देश को आजाद कर उसे चलाना चाहता है, यह उसका आंतरिक मामला है। भारत में भी अंग्रेजों से पूरे देश ने लड़ाई लड़ी थी। रहा सवाल हिंदुस्तान का तो यहाँ कोई अगर कब्जा करने आएगा तो उससे लड़ने को देश मजबूत है।”

91 वर्षीय शफीकुर्रहमान बर्क फ़िलहाल संभल से ही सांसद हैं। वो मोरादाबाद से 3 बार और संभल से 2 बार सांसद रहे हैं। पहले वो बसपा में हुआ करते थे, लेकिन फरवरी 2014 में उन्होंने सपा का दामन थाम लिया। 2017 में वो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM में चले गए थे लेकिन फिर सपा में लौटे। उन्होंने राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ को इस्लाम के खिलाफ बताया था और कहा था कि मुस्लिमों को ये नहीं गाना चाहिए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -