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परमबीर सिंह पर कसा शिकंजा: महाराष्ट्र सरकार ने सैलरी पर रोक लगाई, वारंट हासिल करने कोर्ट पहुँची क्राइम ब्रांच

परमबीर सिंह ने मुंबई पुलिस कमिश्नर पद से हटाए जाने के बाद राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर आरोप लगाया था कि उन्होंने सचिन वाजे को मुंबई के होटलों और बार से हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट दिया था।

लापता बताए जा रहे मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की सैलरी पर महाराष्ट्र सरकार ने रोक लगा दी है। उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल करने के लिए मुंबई पुलिस ने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है। इससे पहले 20 अक्टूबर को बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया था कि उनके लोकेशन के बारे में पता नहीं चल पाया है।

रिपोर्ट के अनुसार सिंह को महाराष्ट्र सरकार ने भगोड़ा मान लिया है। इसी के साथ सरकार ने कार्रवाई करते हुए आईपीएस अधिकारी की सैलरी रोक दी है। अब राज्य सरकार निलंबन की कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। दूसरी तरफ सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल करने के लिए मुबंई क्राइम ब्रांच ने सत्र अदालत में याचिका दायर की है। इस पर 29 अक्टूबर को सुनवाई की जाएगी। क्राइम ब्रांच परमबीर सिंह के खिलाफ रंगदारी के आरोप की जाँच कर रही है। इससे पहले मुबंई पुलिस ने पूछताछ के लिए 9 अक्टूबर को उन्हें समन जारी किया था। लेकिन वह न तो हाजिर हुए और न ही मालाबार स्थित अपने घर पर मिले।

यह नोटिस मीडिया में आई उन रिपोर्ट के बाद जारी की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि परमबीर सिंह देश छोड़कर रूस भाग गए हैं। सिंह के खिलाफ कम से कम पाँच आपराधिक मामले चल रहे हैं। एक मामला बिल्डर और होटल व्यवसायी बिमल अग्रवाल की शिकायत पर गोरेगाँव थाने में दर्ज है। अग्रवाल ने आरोप लगाया था कि परमबीर सिंह ने दो बार और रेस्तरां पर छापेमारी नहीं करने के लिए उनसे 9 लाख रुपए की जबरन वसूली की। इसके अलावा 2.92 लाख रुपए के दो स्मार्टफोन खरीदने के लिए भी मजबूर किया था। दावा किया गया है कि यह जनवरी 2020 से मार्च 2021 के बीच हुई। इस शिकायत में परमबीर सिंह के अलावा बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे, सुमित सिंह उर्फ ​​चिंटू, अल्पेश पटेल, विनय सिंह उर्फ ​​बबलू और गैंगस्टर छोटा शकील के गुर्गे रियाज भाटी को आरोपित बनाया गया है।

गौरतलब है कि परमबीर सिंह ने ही मुंबई पुलिस कमिश्नर पद से हटाए जाने के बाद राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर आरोप लगाया था कि उन्होंने सचिन वाजे को मुंबई के होटलों और बार से हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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