Homeदेश-समाजपीयूष जैन ने 2 तहखानों में छुपाए थे करोड़ों रुपए, घरवालों को भी नहीं...

पीयूष जैन ने 2 तहखानों में छुपाए थे करोड़ों रुपए, घरवालों को भी नहीं थी भनक: रेड पूरा होने पर अधिकारी ने बताया क्या-क्या हुआ बरामद

पाँच दिन तक चली कार्रवाई के बाद इत्र कारोबारी के आवास पर छापेमारी का काम पूरा हुआ। इस दौरान उसके आवास से 284 करोड़ रुपए से अधिक का कैश, 26 किलोग्राम सोना और 600 किलोग्राम चंदन की लकड़ी बरामद की गई।

कानपुर के इत्र कारोबारी पीयूष जैन (Piyush Jain) के कन्नौज (Kannauj) स्थित आवास पर छापेमारी (Raid) अब खत्म हो चुकी है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम कारोबारी के पैतृक घर से वापस चली गई है। डीजीजीआई टीम के साथ मौजूद रहे एक अधिकारी ने बताया कि पीयूष जैन के कन्नौज स्थित घर में जमीन के नीचे बंकर बनाए गए थे और वहाँ भी कैश रखे गए थे।

पाँच दिन की छापेमारी में डीजीजीआई टीम के साथ रहे चश्मदीद अमित दुबे ने कहा, “बहुत मुश्किल के बाद जमीन के नीचे बने दो बंकरों से कैश बरामद हुआ था। परिवार के लोगों को भी इसकी कोई जानकारी नहीं थी।”

डीजीजीआई के एडिशनल डायरेक्टर जाकिर हुसैन ने बताया, “हमने अपना पंचनामा पूरा कर लिया है। यहाँ मिला सोना हमने डीआरआई को सौंप दिया है। इसके अलावा 19 करोड़ रुपए की नकदी मिली है, जिसे एसबीआई में डिपॉजिट कराया गया है।” उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों के मुताबिक यह अब तक की सबसे बड़ी कैश बरामदगी है।

बता दें कि कानपुर कोर्ट ने कारोबारी पीयूष जैन को करोड़ों रुपए की कर चोरी और अघोषित संपत्ति के मामले में सोमवार (27 दिसंबर 2021) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। रविवार (26 दिसंबर 2021) की रात को गिरफ्तार करने के बाद पीयूष जैन को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने सोमवार को पेश किया गया था। इत्र कारोबारी के आवास पर छापेमारी में 284 करोड़ रुपए से अधिक का कैश, 26 किलोग्राम सोना और 600 किलोग्राम चंदन की लकड़ी बरामद हुई थी।

सूत्रों के अनुसार, जैन ने बताया है कि उसके घर से बरामद किए गए 284 करोड़ रुपए नकद उसके पूर्वजों द्वारा छोड़े गए सोना को बेचकर जमा किया है। उसका कहना है कि उसके पूर्वजों ने 400 किलो सोना छोड़ा था। अधिकारी के अनुसार, सोना बेचने का कारण पूछने पर पीयूष ने बताया कि व्यापार के लिए नकदी की आवश्यकता थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -