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2 बच्चों की माँ, डॉक्टर की बीवी: कराची यूनिवर्सिटी में जिस महिला ने खुद को उड़ाया उसने 2 साल पहले ज्वाइन किया था बलूच लिबरेशन आर्मी

बलूच विद्रोही शरी द्वारा हमले को अंजाम दिए जाने के बाद बलूच लिबरेशन आर्मी ने इस हमले का जिम्मा लिया और शरी की फोटो जारी की। इसके अलावा शरी के शौहर ने भी अपने बच्चों के साथ और शरी के साथ फोटो जारी करके चीनियों पर आत्मघाती हमला करने के लिए फक्र जताया।

पाकिस्तान के कराची में चीनी नागरिकों को निशाना बनाने वाली फिदायीन हमलावर से जुड़ी अब तमाम जानकारी मीडिया में हैं। बताया जा रहा है कि बलूच लिबरेशन आर्मी की यह पहली महिला हमलावर 2 साल पहले ही संगठन से जुड़ी थी। इसके बाद वह अपने आपको इस मिशन के लिए तैयार करने लगी। हमलावर की पहचान शरी बलूच के तौर पर हुई है। ये भी पता चला है कि इस घटना के बाद उसके शौहर ने अपनी बीवी पर फ़ख़्र जताया है।

कौन थी शरी बलूच?

इंडिया टुडे पत्रकार गौरव सी सावंत लिखते हैं, “कराची की फिदायीन हमलावर शरी बलूच बेहद पढ़ी लिखी थी और दो बच्चों की माँ थी। उसने जूलॉजी में एमएससी के बाद एम.फिल की थी। वह बलूच लिबरेशन आर्मी से होने के नाते पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के ख़िलाफ़ लड़ रही थी और बलूच लिबरेशन आर्मी की मजीद ब्रिगेड का हिस्सा थी- जो कि पाकिस्तान में चीनियों को निशाना बनाने के लिए बनाई गई है।”

अगले ट्वीट में शरी बलूच के बारे में बताया गया कि 2 साल पहले लिबरेशन आर्मी से जुड़ने वाली 30 साल की टीचर को उसके दो बच्चे होने के कारण पीछे हटने को भी कहा गया था। लेकिन शरी ने किसी की नहीं सुनी। कथिततौर पर बलूच लिबरेशन आर्मी ने अपनी स्पेशल स्क्वॉड इसीलिए तैयार की है ताकि चीनी नागरिकों को निशाना बनाया जा सके। उनका मकसद, चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर को विफल करना है।

हमलावर का शौहर जता रहा गर्व

इस हमले के बाद कहा जा रहा है कि शरी के शौहर ने एक संदेश जारी करते हुए अपनी बीवी के किए पर गर्व किया है। ट्विटर पर हबीतन बशीर बलूच ने लिखा है, “शरी जान, तुम्हारे निस्वार्थ कार्य ने मुझे खामोश कर दिया है लेकिन मैं आज गर्व से झूम रहा हूँ। महरोच और मीर हसन को यह सोचकर बहुत गर्व होगा कि उनकी माँ कितनी महान महिला थी। तुम हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रहोगी।”

गौरतलब है कि पाकिस्तान के कराची शहर की यूनिवर्सिटी के बाहर बलूच विद्रोही शरी द्वारा 26 अप्रैल को फिदायीन हमले में जिस कार को निशाना बनाया गया उसमें चीन की 3 महिला प्रोफेसर, एक पाकिस्तानी ड्राइवर और एक गार्ड था। घटना के बाद बलूच लिबरेशन आर्मी ने बयान जारी करके इस हमले की जिम्मेदारी ली। बयान में लिखा गया कि शरी उनके समूह की पहली महिला फिदायीन हमलावर थीं। यह हमला बलूच प्रतिरोध के इतिहास में एक नया अध्याय है।

इसके अलावा बलूच लिबरेशन आर्मी की ओर से इस संबंध में एक वीडियो भी जारी किया गया है। वीडियो में नकाबपोश व्यक्ति कहता नजर आ रहा है- “हम पाकिस्तानी फौज और चीन की सरकार से कहते हैं कि वो बलोचिस्तान से चले जाएँ। वो हमारे गाँवों को तबाह कर चुके हैं। हमने चीनियों पर हमले के लिए एक नई यूनिट बनाई है। ये उन चीनियों को निशाना बनाएगी जो चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी CPEC के लिए काम कर रहे हैं।”

उल्लेखनीय है कि सीपीईसी का विरोध बलूच विद्रोहियों द्वारा काफी समय से हो रहा है। इनको गुस्सा इस बात का है कि उनके यहाँ समंदर से चीनी ट्रॉले मछलियाँ पकड़ती हैं और एक्सपोर्ट करती हैं। जिससे स्थानीय जो मछलियों के जरिए अपनी रोजी -रोटी कमाते थे उनके पास कोई रोजगार नहीं है। इसके अलावा बलूच विद्रोहियों के निशाने पर पाकिस्तानी सेना भी है। कुछ दिन पहले बलूच विद्रोहियों ने 60 पाकिस्तानी सैनिकों को मारा था। बलूच लोग अक्सर पाकिस्तानी सेना पर तमाम अत्याचार के आरोप लगाते रहते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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