Sunday, December 22, 2024
Homeदेश-समाजकुरान बाँटने वाला आदेश सही, ऋचा को इस्लाम समझने का मौक़ा मिलेगा: एडवोकेट जनरल,...

कुरान बाँटने वाला आदेश सही, ऋचा को इस्लाम समझने का मौक़ा मिलेगा: एडवोकेट जनरल, झारखण्ड

अजीत कुमार ने कहा कि इससे ऋचा को अच्छा सबक सीखने को मिलेगा और वह भविष्य में कभी आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं करेंगी।

सोशल मीडिया पर ऋचा भारती द्वारा की गई ‘आपत्तिजनक टिप्पणी’ को लेकर राँची की अदालत ने उन्हें अजीबोगरीब शर्त लगा कर जमानत दी। अदालत ने जमानत देते हुए कहा कि ऋचा को 15 दिनों के भीतर कुरानशरीफ की पाँच प्रतियाँ बाँटनी होंगी। ऋचा ने इस शर्त को मानने से इनकार कर दिया और कहा कि आज अदालत उन्हें कुरान बाँटने को कह रही है, कल को इस्लाम मज़हब अपनाने को भी कहा जा सकता है। ऋचा ने पूछा कि क्या कभी किसी अदालत ने किसी आरोपित को रामायण या भगवद्गीता बाँटने को कहा है?

अब झारखण्ड के एडवोकेट जनरल ने राँची अदालत के जज मनीष कुमार सिंह द्वारा सुनाए गए निर्णय का स्वागत किया है। एडवोकेट जनरल अजित कुमार ने कहा कि अदालत ने जो निर्णय दिया है और जो भी लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें इस आदेश के पीछे का औचित्य समझने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक समरसता को बनाए रखना लोगों की जिम्मेदारी है, इसीलिए कोर्ट का कुरान बाँटने वाला आदेश बिलकुल सही है। एडवोकेट जनरल अजीत कुमार ने कहा कि अदालत के इस आदेश के बाद ऋचा को इस्लाम के बारे में बहुत कुछ समझने को मिलेगा।

अजीत कुमार ने कहा कि इससे ऋचा को अच्छा सबक सीखने को मिलेगा और वह भविष्य में कभी आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं करेंगी। उधर ऋचा हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं और हिन्दू संगठनों के नेता लगातार उनके घर पहुँच रहे हैं। ऋचा का कहना है कि उन्होंने तो कोई टिप्पणी भी नहीं की थी बल्कि किसी और का पोस्ट शेयर किया था। ऋचा की दलील है कि वह पोस्ट रोहिंग्या को लेकर था ण कि भारत में रह रहे समुदाय विशेष को लेकर।

टाइम्स नाउ से बात करते हुए एडवोकेट जनरल ने कहा कि अदालत का निर्णय भारतीय क़ानून के मुताबिक है। उधर राँची के कई वकील ने भी जस्टिस मनीष कुमार सिंह के इस निर्णय के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। राँची विमंस कॉलेज में तृतीय वर्ष की छात्रा ऋचा को पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रह्मण्यम स्वामी का भी साथ मिला है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नाम अब्दुल मोहसेन, लेकिन इस्लाम से ऐसी ‘घृणा’ कि जर्मनी के क्रिसमस मार्केट में भाड़े की BMW से लोगों को रौंद डाला: 200+ घायलों...

भारत सरकार ने यह भी बताया कि जर्मनी में भारतीय मिशन घायलों और उनके परिवारों से लगातार संपर्क में है और हर संभव मदद मुहैया करा रहा है।

भारत में न्यूक्लियर टेस्ट हो या UN में दिया हिंदी वाला भाषण… जानें अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन कैसे दूसरे नेताओं के लिए भी...

अटल बिहारी वाजपेयी न केवल एक सशक्त राजनेता थे, बल्कि वे एक संवेदनशील कवि, एक दूरदर्शी विचारक और एक फक्कड़ व्यक्तित्व के धनी थे।
- विज्ञापन -