Homeदेश-समाजमोहन पर असलम ने लोहे की रॉड से किया हमला... भड़की दो समुदायों के...

मोहन पर असलम ने लोहे की रॉड से किया हमला… भड़की दो समुदायों के बीच हिंसा: राजगढ़ में पत्थरबाजी, आगजनी की घटनाएँ दर्ज

राजगढ़ पुलिस ने बताया, "करेणी गाँव में 2 समूहों के बीच हिंसक झड़प हुई है। इस दौरान एक दुकान और 2 - 3 मोटरसाइकिलों में आगे लगा दी गई। 2 लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहाँ उनकी हालत सामान्य है। हमलावरों को काबू करने के लिए हमें आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। हालत काबू में हैं।"

मध्य प्रदेश के राजगढ़ में 2 समुदायों के बीच हिंसा होने की खबर है। बताया जा रहा है कि जमीनी विवाद ने झड़प का रूप ले लिया। इसके बाद इलाके में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव भी किया गया। मौके पर भारी पुलिस बल भेजा गया है। अब तक 2 लोगों के घायल होने की खबर है। घटना बुधवार (11 मई 2022) की है।

राजगढ़ के पुलिस अधीक्षक IPS प्रदीप शर्मा के मुताबिक, “करेणी गाँव में 2 समूहों के बीच हिंसक झड़प हुई है। इस दौरान एक दुकान और 2 – 3 मोटरसाइकिलों में आगे लगा दी गई। 2 लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहाँ उनकी हालत सामान्य है। हमलावरों को काबू करने के लिए हमें आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। हालत काबू में हैं।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना की शाम मोहन घर से कहीं जाने के लिए निकले थे। इस दौरान सड़क पर अल्ला वेली के बेटों गोलू और असलम ने उन पर लोहे की रॉड से हमला किया। मोहन का भाई हुकुम चंद उसे बचाने के लिए आया तो उस पर भी हमला किया गया जिसमें वो घायल हो गया। इसके बाद मोहन वर्मा के परिवार वालों ने भी प्रतिरोध किया। कुछ ही देर में दोनों तरफ से लोग जमा हो गए। इस दौरान आगजनी की गई। मौके पर हालत को सँभालने पहुँचे पुलिस बल और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों को भी पत्थरों से निशाना बनाया गया।

इस दौरान घरों के आगे खड़े वाहनों पर हमले किए गए। पुलिस ने काफी मशक्क्त के बाद हालात पर काबू पाया। दुबारा हालात न बिगड़ें इसके लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। SP राजगढ़ के मुताबिक दोनों पक्षों के बयान दर्ज करवाए जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस जाँच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चंदन गुप्ता याद हैं? जिन्हें ‘भारत माता की जय’ बोलने पर मुस्लिमों की भीड़ ने उतारा मौत के घाट: समझें वंदे मातरम बिल की...

चंदन गुप्ता हत्याकांड को समझने के लिए जरूरी माना जाता है कि वंदे मातरम् बिल में संशोधन की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है।

जौहर यूनिवर्सिटी विवाद के बीच अल्पसंख्यक संस्थानों में आरक्षण पर बहस, AMU-JMI में भी कोटा सिस्टम लागू नहीं: समझें इस ‘दोहरी व्यवस्था’ पर क्यों...

बहस इस बात की है कि मुस्लिम जातियाँ अन्य संस्थानों में OBC आरक्षण का लाभ लेती हैं, लेकिन अपने संस्थानों में हिंदुओं को मौका क्यों नहीं देती?
- विज्ञापन -