Homeदेश-समाजलाल आतंक: 5 CPIM कार्यकर्ताओं को BJP नेता की हत्या के मामले में उम्रकैद

लाल आतंक: 5 CPIM कार्यकर्ताओं को BJP नेता की हत्या के मामले में उम्रकैद

अन्य दलों के सदस्यों के खिलाफ वामपंथी हिंसा, विशेष रूप से भाजपा, अक्सर खूनी संघर्ष में बदलती देखी गई है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 5 कार्यकर्ताओं को एक सत्र अदालत ने शुक्रवार (जुलाई 2, 2019) को को 2008 में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या करने के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। केरल स्थित थालास्सेरी के अतिरिक्त जिला सत्र न्यायालय के न्यायाधीश पीएन विनोद ने केवी सुरेंद्रन (62) की हत्या के दोषियों पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह राशि भाजपा नेता केवी सुरेन्द्रन को देने के भी निर्देश दी गए हैं।

अदालत ने मामले में थिरुवांगोद निवासी अखिलेश (35 वर्ष), एम कलेश (36 वर्ष), एम लिजेश (32 वर्ष), विनेश (25 वर्ष) और पीके शैजोश (28 वर्ष) को सजा सुनाई। अदालत ने इस हत्या के मामले में दो व्यक्तियों को बरी कर दिया।

दोषियों ने राजनीतिक द्वेष के कारण मार्च 07, 2008 को भाजपा नेता केवी सुरेंद्रन की उनके घर पर धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस घायल सुरेन्द्रन को लेकर अस्पताल पहुँची जहाँ उन्होंने दमतोड़ दिया था।

अन्य दलों के सदस्यों के खिलाफ वामपंथी हिंसा, विशेष रूप से भाजपा, अक्सर खूनी संघर्ष में बदलती देखी गई है। इस तरह के ही ताजा मामले में, विश्वविद्यालय के एक छात्र को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के सदस्य ने चाकू मार दिया था। SFI CPI-M की छात्र शाखा है। विश्वविद्यालय में छात्रों ने घटना के बाद विश्वविद्यालय में कम्युनिस्ट कैडर के आतंक का खुलासा किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -