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जुबानी जहर उगलने वालों पर ट्विटर टाइट: खालिस्तानी समर्थक हैंडल्स भारत में बैन, हिंदू घृणा से सने लेखक पर भी एक्शन

वो खालिस्तानी अकॉउंट्स, जिनके ऊपर ट्विटर की कार्रवाई हुई उनमें से एक लेखक अमान बाली का भी है। इस अकॉउंट पर क्लिक करने पर अब लिखा आ रहा है कि ये अकॉउंट लीगल डिमांड के बाद भारत में प्रतिबंधित किया गया है।

सोशल मीडिया पर भारत विरोधी प्रोपेगेंडा चलाने वालों के खिलाफ ट्विटर ने ताबड़तोड़ एक्शन लिया है। राणा अयूब के ट्वीट के बाद खबर है कि कई खालिस्तानी-ISI आतंकियों के अकॉउंट को इंडिया में प्रतिबंधित कर दिया गया है। ये कार्रवाई भी मोदी सरकार द्वारा दिए गए आदेशों के बाद हुई है।

जानकारी के अनुसार, इन ट्विटर अकॉउंट में से एक अकॉउंट खालिस्तानी लेखक अमान बाली का भी है। इस अकॉउंट पर क्लिक करने पर अब लिखा आ रहा है कि ये अकॉउंट लीगल डिमांड के बाद भारत में प्रतिबंधित किया गया है।

अमान बाली को लेकर पता हो कि खालिस्तानी समर्थक एजेंडा फैलाने के साथ इसने उस किसान आंदोलन को भी समर्थन दिया था जिससे समय-समय पर हिंसा की खबरें आईं। इसके अलावा सिख लड़कियों के इस्लामवादियों द्वारा अपहरण पर भी जब हिंदुओं ने आवाज उठाई थी तो इन्होंने कहा था कि हिंदू घटना का फायदा उठा रहे हैं। इसके अलावा स्वर्ण मंदिर में हुईं लिंचिंग का मामला हो या फिर कश्मीरी हिंदू टीचर की हत्या को दबाने का प्रयास, ये सब कुछ अमान बाली द्वारा अक्सर किया जाता रहा।

जब अफगानिस्तान के गुरुद्वारे कार्ते परवान पर आतंकियों ने हमला किया तो भी अमान ने इसका जिम्मेदार हिंदुओं को बताया। उसने इस हमले में नुपूर शर्मा केस को जोड़ा था।

जानकारी के मुताबिक, ट्विटर ने अमान बाली के अलावा जिन अन्य खालिस्तानी अकॉउंट्स पर कार्रवाई की है। उनमें सिख पीए, जकारा मूवमेंट, एएस खालसा 84, शेरे पंजाब यूके, ट्रैक्टर टू ट्विटर जैसे अकॉउंट शामिल है। इन सब पर क्लिक करने पर यही नजर आता है कि ये भारत में प्रतिबंधित कर दिए गए हैं।

बता दें कि इससे पहले भारत विरोधी बातें सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में ऑस्ट्रेलियाई लेख सी जे वर्लमैन के ट्विटर पर ऐसी ही कार्रवाई हुई थी। इसके अलावा सिद्धू मूसेवाला का एक गाना हाल में इंटरनेट से हटा दिया गया। कथिततौर पर उसमें खालिस्तान का महिमामंडन और भारत विरोधी बातें थीं।

इंडियन साइबर डिफेंडर द्वारा साझा जानकारी के अनुसार खालिस्तानियों के अलावा कुछ इस्लामी आतंकियों के अकॉउंट भी भारत में प्रतिबंधित हुए हैं। इस ट्वीट के अनुसार थिरुमुरुगन गाँधी, सुननंधा थामराई सेलवन, बेसिक्स ऑफ सिक्खी, पकियाराजन जैसे अकॉउंट हैं।

मालूम हो कि आज सुबह ही ट्विटर द्वारा राणा अयूब के ट्वीट पर कार्रवाई करने की खबर आई थी। वो ट्वीट ज्ञानवापी पर था। ट्वीट को भारत में बैन किए जाने को लेकर राणा ने जानकारी दी थी। इसके बाद तमाम लिबरल उनके समर्थन में आकर बोलने लगे थे। सवाल किया गया कि आखिर भारत की इतनी बड़ी पत्रकार की आवाज दबाने की कोशिश क्यों हुई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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