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राजस्थान पुलिस ने कन्हैया लाल को किया था गिरफ्तार, फिर कराया था ‘समझौता’: बेटे ने कहा – हत्यारों का एनकाउंटर हो, पुलिस की भी गलती

एक लिखित रिपोर्ट भी दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की। एडीजी ने दावा किया कि राज्य में जब भी इस तरह की कोई भी घटना घटी है तो पुलिस ने एक्शन लिया है।

नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद को लेकर दिए गए कथित बयान का समर्थन करने पर जिस हिन्दू कन्हैया लाल (Kanhaiya Lal Murder) की हत्या इस्लामिक कट्टरपंथियों ने की थी। इस मामले में अब राजस्थान के एडीजी लॉ एँड ऑर्डर हवा सिंह घुमारिया ने बयान दिया है। उन्होंने ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने एक्शन लेते हुए पहले कन्हैया लाल को गिरफ्तार किया था। जेल से छूटने के बाद उसकी शिकायत पर दोनों में हमने सुलह भी करवाई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, एडीजी घुमारिया ने कहा कि पैगंबर मुहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में 10 जून 2022 को कन्हैया लाल के खिलाफ एक रिपोर्ट दर्ज़ हुई थी। इसमें उन पर आरोप लगाया गया था कि पैगंबर मुहम्मद पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को उसने आगे प्रसारित किया था। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ़्तार किया। 15 जून को कन्हैया लाल जमानत पर बाहर आए। उसके कुछ दिन बाद उन्होंने अपनी जान को ख़तरा बताते हुए पुलिस से संरक्षण माँगा था।

पुलिस अब कह रही है कि कन्हैया की शिकायत पर तत्काल एक्शन लेते हुए SHO ने कन्हैयालाल और जो उन्हें धमकी दे रहे थे, दोनों पक्षों से बातचीत कर हस्ताक्षर करवाया कि हम दोनों के बीच जो भी मनमुटाव था, वो दूर हो गया है। एक लिखित रिपोर्ट भी दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की। एडीजी ने दावा किया कि राज्य में जब भी इस तरह की कोई भी घटना घटी है तो पुलिस ने एक्शन लिया है।

इस बीच उदयपुर के धनमंडी थाने के एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) भंवर लाल को 28 जून 2022 को कन्हैया लाल की हत्या के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।

कन्हैया लाल की पत्नी और बेटे का बयान

इस्लामिक कट्टरपंथियों का शिकार बने कन्हैया लाल की पत्नी ने न्याय की माँग करते हुए पति के हत्यारों को फाँसी देने की माँग की है। उनका कहना है, “सरकार इन हैवानों को फाँसी दे। इन्होंने आज एक को मारा है, कल ये दूसरों को मारेंगे।” वहीं मृतक के बेटे यश ने कहा है, “हम चाहते हैं कि या तो उनका (हत्यारों का) एनकाउंटर हो जाए या उन्हें फाँसी पर लटका दिया जाए। उनमें डर पैदा करने की जरूरत है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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