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हिन्दू विरोधी ही नहीं, जातिवादी लड़ाई को भी बढ़ावा देती है ‘शमशेरा’: ‘दरोगा शुद्ध सिंह’ अंग्रेजों का दलाल, चौथे दिन 70% गिरा कलेक्शन

सोमवार को 'शमशेरा' के कलेक्शन में 70 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। 'शमशेरा' के चौथे दिन की कमाई मिलाकर मूवी की कुल कमाई 34 करोड़ हो गई है।

बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की फिल्म ‘शमशेरा’ (Shamshera) बॉक्‍स ऑफिस पर 4 दिनों में ही ढेर हो गई। 4 साल के बाद सिल्वर स्क्रीन पर लौटे रणबीर कपूर ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनकी फिल्म ‘शमशेरा’ का इतना बुरा हश्र होगा। 4000 से अधिक स्क्रीन पर रिलीज होने के बावजूद यह फिल्म दर्शक जुटा पाने में सफल नहीं हो पाई। ओपनिंग डे पर 10 करोड़ रुपए की कमाई करने वाली ‘शमशेरा’ चौथे दिन केवल 3.25 करोड़ रुपए का बिजनेस ही कर पाई।

150 करोड़ रुपए के बजट में बनी यह फिल्‍म बॉक्‍स ऑफिस पर बॉलीवुड की अगली डिजास्‍टर साबित होने वाली है। सोमवार की कमाई देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि ‘शमशेरा’ 100 करोड़ रुपए भी नहीं कमाए पाएगी। ‘शमशेरा’ फिल्म जाति के नाम पर भी लड़ाती है, जहाँ अंग्रेजों के दलाल ‘दरोगा शुद्ध सिंह’ (संजय दत्त) को जनजातीय लोगों पर क्रूरता करते हुए दिखाया गया है और डाकू के किरदार में हीरो को ‘सवर्णों’ को लूटते हुए दिखाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को ‘शमशेरा’ के कलेक्शन में 70 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। ‘शमशेरा’ के चौथे दिन की कमाई मिलाकर मूवी की कुल कमाई 34 करोड़ हो गई है। ‘शमशेरा’ ने शुक्रवार को 10.25 करोड़, शनिवार 10.50 करोड़, रविवार 11 करोड़ का कलेक्शन किया है।

‘शमशेरा’ फिल्‍म की सबसे कमजोर कड़ी इसकी कहानी को बताया जा रहा है। यही नहीं सिनेमाघरों में साउथ की फ़िल्में जैसे ‘पुष्‍पा’, ‘आरआरआर’ और ‘केजीएफ 2’ के रिलीज होने के बाद से दर्शकों की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। उन्हें बॉलीवुड फिल्मों की कहानी पसंद नहीं आ रही है। यही कारण है कि ‘शमशेरा’ का फर्स्‍ट वीकेंड भी बहुत ही बुरा रहा। हालाँकि, एक के बाद बॉलीवुड फिल्मों के फ्लॉप होने की वजह यही बताई जा रही है।

बता दें कि राजकुमार हिरानी की फिल्म ‘संजू’ की रिलीज के चार साल बाद ‘शमशेरा’ से रणबीर कपूर ने बड़े पर्दे पर वापसी की है। फिल्‍म में वह डबल रोल में हैं। इसमें उनके साथ संजय दत्त, वाणी कपूर, रोनित रॉय और सौरभ शुक्‍ला भी हैं, लेकिन दमदार स्टारकास्ट और डायरेक्‍टर करण मल्‍होत्रा के बावजूद यह फिल्‍म दर्शक बटोरने में नाकाम रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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