Homeदेश-समाजहरियाणा के सरकारी स्कूल में हिन्दू लड़कियों को पहनाया हिजाब, भड़के ग्रामीणों ने किया...

हरियाणा के सरकारी स्कूल में हिन्दू लड़कियों को पहनाया हिजाब, भड़के ग्रामीणों ने किया विरोध: प्रिंसिपल ने माँगी माफी, बोलीं- ईद का था कार्यक्रम

हँगामा बढ़ते देख स्कूल के प्रिंसिपल ने इस मामले में पर सफाई दी। स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि 11 सितम्बर को ईद के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम सर्वधर्म मिलन समारोह था। प्रिंसिपल ने दावा किया कि इस दौरान एक नाटक की प्रस्तुति हुई थी, इसके लिए लड़कियों को हिजाब पहनाया गया था।

हरियाणा के एक सरकारी स्कूल में हिन्दू लड़कियों को हिजाब पहनाया गया। इसके बाद उनसे कार्यक्रम भी करवाया गया। हिन्दू लड़कियों को हिजाब उनके शिक्षकों ने ही पहनाया। जब यह जानकारी ग्रामीणों तक पहुँची तो उन्होंने इस बात का विरोध किया। हिन्दू संगठनों ने भी इस मामले में प्रदर्शन किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनीपत के बड़ौली गाँव के राजकीय स्कूल में यह घटना हुई। यहाँ के सरकारी स्कूल की कुछ फोटो वायरल हुई जिसमें हिन्दू लडकियाँ हिजाब और बुर्का जैसी ड्रेस पहने हुए थीं। इसमें लडकियाँ नमाज पढ़ने की मुद्रा भी बनाए हुए थीं। कुछ लडकियाँ गले मिलते हुए दिखाई दी।

यह कार्यक्रम बुधवार (11 सितम्बर, 2024) का बताया गया। इन फोटो के वायरल होने के बाद आसपास के ग्रामीण और हिन्दू संगठनों के लोग इस स्कूल में पहुँच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ लड़कियों पर एक धर्म थोपा गया और हिन्दू धर्म का अपमान किया गया। यह भी आरोप लगाया कि छात्राओं को इस्लाम की तरफ धकेला जा रहा है।

हँगामा बढ़ते देख स्कूल की प्रिंसिपल ने इस मामले में पर सफाई दी। स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया कि 11 सितम्बर को ईद के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम सर्वधर्म मिलन समारोह था। प्रिंसिपल ने दावा किया कि इस दौरान एक नाटक की प्रस्तुति हुई थी, इसके लिए लड़कियों को हिजाब पहनाया गया था।

प्रिंसिपल की इस सफाई का ग्रामीणों पर कोई असर नहीं पड़ा। वह लगातार विरोध करते रहे। प्रिंसिपल ने इसके बाद इस मामले में माफ़ी माँगने और आगे ऐसा कोई और कार्यक्रम ना करवाने की बात कही। वहीं हिन्दू संगठन इस बात पर अड़े रहे कि स्कूल के स्टाफ का तबादला कर दिया जाए।

इस मामले में प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिले के शिक्षा अधिकारियों ने स्कूल से रिपोर्ट तलब की है। वहीं प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच शांति करवा दी है। जिस गाँव में यह स्कूल है और वह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल का है, इसलिए यह मामला और हाई प्रोफाइल हो गया।

यह कोई पहला मौक़ा नहीं है जब स्कूलों के भीतर हिन्दू बच्चों को इस्लामी लिबास पहनाए गए हों। इसे पहले उत्तरखंड के रुड़की में छोटी बच्चियों को इस्लामी कपड़े पहनाने का एक मामला सामने आया था। इसके अलावा मध्य प्रदेश के गुना में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या है आइसोब्यूटेनॉल जो 15% डीजल में मिलाने की तैयारी, E20 पर चल रहे विवाद के बीच शुरू हुई चर्चा: जानिए सबकुछ

नितिन गडकरी ने बताया कि एथेनॉल को सीधे डीजल के साथ नहीं मिलाया जा सकता इसीलिए सरकार अब एथेनॉल से आइसोब्यूटेनॉल बनाने की तकनीक पर काम कर रही है। यह सफल हो चुकी है।

‘डिटेंशन कैंप में एक भी बंगाली हिंदू नहीं’: CM हिमंता बोले- CAA से मिला संरक्षण, समझें- इस नेता ने कैसे पाट दी असमिया-गैर असमिया...

CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असम के डिटेंशन सेंटर में एक भी बंगाली हिंदू नहीं है। CAA, NRC और घुसपैठियों-शरणार्थियों के अंतर पर रखा पक्ष।
- विज्ञापन -