Homeविविध विषयअन्यराकेश झुनझुनवाला का निधन, कहलाते थे शेयर मार्केट के किंग: लॉन्च की थी आकासा...

राकेश झुनझुनवाला का निधन, कहलाते थे शेयर मार्केट के किंग: लॉन्च की थी आकासा एयरलाइंस

भारत के वॉरेन बफे कहलाने वाले राकेश झुनझुनवाला ने हाल में ही आकासा एयरलाइंस लॉन्च की थीं। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में ली आखिरी साँस ली।

शेयर कारोबारी राकेश झुनझुनवाला का निधन हो गया है। वो 62 साल के थे। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में ली आखिरी साँस ली।

भारत के वॉरेन बफे कहलाने वाले राकेश झुनझुनवाला ने हाल में ही आकासा एयरलाइंस लॉन्च की थीं। आपको बता दें कि उन्हें 2-3 सप्ताह पहले अस्पताल से छुट्टी मिली थी।

मोदी सरकार को दिए थे 10 में से 9 अंक

भारत के सबसे बड़े निवेशक राकेश झुनझुनवाला ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई और इकॉनमी प्रबंधन के मामले में मोदी सरकार को 10 में से 9 अंक देने की बात कही थी। पत्रकार प्रभु चावला ने ‘इंडिया टुडे’ के शो ‘सीधी बात’ में उनसे ये सवाल पूछा था।

राकेश झुनझुनवाला ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के उस बयान को याद करते हुए कहा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार जब 100 रुपए देती है तो उसमें से 15 रुपए ही गरीब के पास पहुँचता है। उन्होंने कहा था कि आज स्थिति बदल गई है और सरकार जब 100 रुपए भेजती है तो गरीब के पास 85 रुपए पहुँचते हैं और मात्र 15 रुपए ही गुल होते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।

क्या आंतरिक मतभेद को चुनावी हेरफेर का सबूत मानना सही है?

चुनाव आयोग की 14 आपत्तियों, SIR और वोटर डेटा विवाद के बीच जानिए, क्या आंतरिक मतभेद चुनावी हेरफेर का प्रमाण हैं?
- विज्ञापन -